राजनांदगांव | द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्रम न्यायालय राजनांदगांव अमित जिन्दल ने दिनांक 24.05.2025 को जिला जेल राजनांदगांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर उपस्थित बंदियो को उनके अनेक अधिकारो व अनेक विषयो पर कानूनी जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अध्याय 23 में प्ली बारगेनिंग के प्रावधान दिए गए है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 289 के अनुसार सात साल के दण्ड तक के मामले में उस दशा को छोडकर जहां अपराध देश की सामाजिक – आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है या स्त्री या 14 साल के बालक के विरूद्व किया गया हो, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 290 के अनुसार आरोप की विरचना से 30 दिन के भीतर अभियुक्त के स्वेच्छा से आवेदन पेश करने पर प्रकरण का पारस्पारिक सन्तोषप्रद निपटारा अर्थात आपसी बात-चीत से निपटारा 60 दिन की अवधि के भीतर किया जा सकता है तथा ऐसी दशा में धारा 401 या अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 (958 का 20) या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के प्रावधान अभियुक्त के प्रकरण में आकर्षित है, तो वह अभियुक्त परिवीक्षा पर निर्मुक्त किया जा सकता है या न्यूनतम दण्ड के आधे दण्ड से या अन्य दशा में अपराध के लिए उपबन्धित या विस्तारित जैसी स्थिति हो, दण्ड के एक-चौथाई दण्ड से दण्डित किया जा सकेगा ।
