राजनांदगांव वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर सामाजिक संस्था उदयाचल ने संगोष्ठी पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर आडिटोरियम में रखी। जिसमें विधानसभा अध्यक्ष, सांसद, महापौर सहित शहर के बुद्धिजीवी वर्ग ने अपनी बातें रखीं। ज्यादातर वक्ताओं ने वन नेशन-वन इलेक्शन की तैयारी को देश के लिए फायदेमंद बताया।
वक्ताओं ने कहा कि इससे देश में स्थिरता आएगी। बार-बार होने वाले चुनाव का खर्च कम होगा। वहीं मानव संसाधान पर भी दबाव कम होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन की अवधारणा को लेकर 2023 में 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें सभी वर्गों के बुद्धिजीवी शामिल थे। उनके सामने एक साथ चुनाव कराएं जाने की चुनौतियां थी। कमेटी द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर देश का व्यापक समर्थन मिला। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि देश के लगभग 80 प्रतिशत लोगों ने वन नेशन वन इलेक्शन का व्यापक समर्थन किया।
महापौर मधुसूदन यादव, अधिवक्ता एचबी गाजी जिला पंचायत किरण वैष्णव, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष सचिन बघेल सहित अन्य ने भी संगोष्ठी सभा में अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा कि यह देश के हित में है। पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना ने कहा कि यह राष्ट्र चिंतन एवं जनजागरण की संगोष्ठी है। एक राष्ट्र एक चुनाव से जहां समय एवं अर्थ की बचत होगी, चुनावी आवृत्ति में कमी आएंगी।
कई देशों में ऐसी व्यवस्था, पहले भी देश में ऐसा हुआ विस अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन दुनिया के अन्य देशों में भी लागू है, इससे उन देशों में सामाजिक, आर्थिक स्थिरता आयी है। अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, बेल्जियम सहित अन्य देशों में निर्वाचन की यह प्रणाली लागू है। उन्होंने इंडोनेशिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक दिन में 20 करोड़ मतदाताओं ने 4 स्तरीय प्रतिनिधियों के चुनाव में हिस्सा लिया। जब देश में संसाधनों की कमी थी, तकनीकी उपयोगिता कम थी, तब भी चुनाव एक साथ होते थे। इसका महत्व बताया।
सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि सन 1952 में हुए आम निर्वाचन में 5 करोड़ रुपए व्यय हुए थे। वहीं 2014 के आम लोकसभा आम निर्वाचन में 1 लाख 35 हजार करोड़ रुपए व्यय हुए। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए सभी सामाजिक संगठनों, आम लोगों को इस प्रस्ताव के लिए सहमत होकर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है और इसे एक अभियान के रूप में चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा व्यवस्थाओं में अनेक परिवर्तन किए गए है। वन नेशन वन इलेक्शन के लिए सरकार दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ संकल्पित है।
