राजनांदगांव । केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगों के कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन पात्र दिव्यांगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में दिव्यांगों की स्थिति काफी दयानीय है। छत्तीसगढ़ विकलांग मंच के बैनर तले दिव्यांगों ने जिला कार्यालय के सामने फ्लाईओवर के पास प्रदर्शन किया। इसके बाद राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान दिव्यांगों ने कहा कि आज रोजगार के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी विभागों में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे कई लोग नौकरी कर रहे हैं।इन मांगों को प्रमुखता से उठाईदिव्यांगों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाई। साथ ने जल्द से जल्द निराकरण करने की भी मांग की। छग विकलांग मंच के बैनर तले दिव्यांगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दिव्यांग अधिकारी कानून 2016 को छग शासन के सभी विभागों में लागू करने, दिव्यांगों को राजनीतिक में आरक्षण प्रदान करने, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दिए गए आरक्षण को शीघ्र लागू करने, राज्य के सभी 21 प्रकार के दिव्यांगों का चिन्हांकन एवं शत्-प्रतिशत प्रमाणीकरण कर दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रदान करने की मांग की गई। साथ ही दिव्यांगों को योग्यता के अनुसार रोजगार प्रदान करने, राज्य के शासकीय, गैरशासकीय व प्राइवेट कंपनियों में आरक्षण के आधार पर तकनीकी एवं गैर तकनीकी पदों पर शीघ्र भर्ती करने, राज्य में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी कर रहे लोगों की जांच कर कार्रवाई करने, दिव्यांगता पेंशन में गरीबी रेख व आय प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को बाध्य न करने, एक राष्ट्र एक राशन के आधार पर केंद्र शासन द्वारा घोषणा किए दिव्यांगों के लिए 35 किलो राशन प्रदान करने की योजना को शीघ्र लागू करने, सभी प्रकार के दिव्यांगों को पांच हजार रुपये पेंशन प्रदान करने की मांग की।
