राजनांदगांव . संक्रमण के चलते स्कूलों की पढ़ाई सबसे अधिक प्रभावित हुई है। इस बार जिले में बोर्ड 20 हजार से अधिक परीक्षार्थी बिना प्रैक्टिल के ही प्रायोगिक परीक्षाएं दिलाएंगे। बुधवार से सभी निजी व सरकारी स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। मंगलवार को स्कूल के शिक्षक लैब पहुंचकर लैब को व्यवस्थित करने में जुटे रहे। कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष बच्चों ने स्कूलों में कदम भी नहीं रखा है और संबंधित विषयों के प्रैक्टिल भी नहीं किए हैं। जिसके चलते प्रायोगिक परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों की धड़कन बढ़ गई है। इधर, शिक्षा विभाग प्रायोगिक परीक्षा को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करते हुए परीक्षा संपन्ना कराए जाएंगे।0 आनलाइन पढ़ाई से पूछे जाएंगे प्रश्नइस बार प्रायोगिक परीक्षा लेने दूसरे स्कूल के शिक्षक पर्यवेक्षक बनकर नहीं आएंगे। यानी संबंधित स्कूल के ही शिक्षक पर्यवेक्षक बनकर छात्रों का प्रायोगिक परीक्षा लेंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कई तरह की सुविधाएं प्रयोगिक परीक्षाओं के लिए दी है। बोर्ड परीक्षा की प्रायोगिक परीक्षा इस बार महज औपचारिकता ही साबित होगी। कोरोना के चलते स्कूलों का संचालन नहीं हो सका है। इसकी वजह से कोर्स में 30 से 40 फीसदी तक की कटौती कर दी गई है। पूरे साल पढ़ाई आनलाइन हो रही है। अब परीक्षाएं आफलाइन ली जाएगी। इससे परीक्षार्थियों की समस्या बढ़ गई है। विभागीय अफसरों ने बताया कि आनलाइन पढ़ाई के बीच से ही प्रयोगिक परीक्षा में प्रश्न पूछे जाएंगे। छात्रों को प्रायोगिक परीक्षा स्कूल में आकर देना होगा। सामाजिक दूरी को देखते हुए एक दिन में तीन बैच में एक ही विषय की प्रयोगिक परीक्षा लेने कहा गया है। परीक्षार्थियों की संख्या अधिक रही तो एक ही विषय की प्रयोगिक परीक्षा एक से अन्य दिनों में भी पूरी की जा सकेगी।
0 अंकों की प्रवृष्टि आनलाइनसंस्था प्रमुखों को 10 फरवरी से 10 मार्च तक हरहाल में प्रायोगिक परीक्षा संपन्ना कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रायोगिक परीक्षा व प्रायोजना कार्य के बाद प्राप्त अंकों को छमाशिमं की पोर्टल में आनलाइन प्रवृष्टि करना होगा। अंकों को आनलाइन प्रविष्ट करने के दौरान शिक्षकों को काफी सावधानी बरतनी होगी। क्योंकि पोर्टल लाक होने के बाद अंकों में संशोधन नहीं होगा। इस लिए पर्यवेक्षकों को गंभीरता से अंकों की आनलाइन प्रवृष्टि करने कहा गया है। छमाशिमं ने प्रायोगिक परीक्षा लेने वाले शिक्षकों के लिए मानदेय भी तय कर दिया है। हाई स्कूल में प्रायोगिक परीक्षा लेने वाले शिक्षकों को प्रति परीक्षार्थी तीन रुपये और हायर सेकेंडरी में लेने वाले शिक्षकों को प्रति परीक्षार्थी चार रुपये दिए जाएंगे।
