बिलासपुर। हाई कोर्ट ने शिक्षक को समयमान वेतनमान देने का आदेश दिया है। इसके बाद भी बलौदाबाजार के जिला शिक्षा अधिकारी ने उनके प्रकरण का निराकरण नहीं किया है। इस मामले में दायर अवमानना याचिका पर हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
रामकुमार धु्रव बलौदाबाजार जिले में शासकीय शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें विभाग से उच्च वेतनमान नहीं मिल रहा था। इस पर विभाग के समक्ष आवेदन पत्र प्रस्तुत किया। फिर भी अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की और उन्हें समयमान वेतनमान का लाभ नहीं दिया। जबकि शासन के निर्देशों के अनुसार निश्चित सेवा अवधि पूरी करने वाले शिक्षक को समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाना है।
इस पर उन्होंने अपने वकील के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस प्रकरण की सुनवाई के बाद जनवरी 2020 में हाई कोर्ट ने 60 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता के आवेदन पत्र का निराकरण करने का आदेश दिया था। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी विभाग ने उनके आवेदन का निराकरण नहीं किया है। न ही याचिकाकर्ता को समयमान वेतनमान का लाभ दिया है। इस पर उन्होंने हाई कोर्ट में न्यायालय की अवमानना याचिका दायर की है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी पर न्यायालय के आदेश की अवेहलना करने का आरोप लगाया है।याचिका में यह भी बताया गया है कि पूर्व में कोर्ट ने तय समय के भीतर याचिकाकर्ता के प्रकरण का निराकरण करने का आदेश दिया था। लेकिन अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस प्रकरण की सुनवाई करते हुए जस्टिस गौतम भादुड़ी ने बलौदाबाजार के जिला शिक्षा अधिकारी सीएस ध्रुव को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।






