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मोपका धान संग्रहण को राज्य शासन ने किया बंद

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बिलासपुर। राज्य शासन ने एक आदेश जारी कर मोपका स्थित धान संग्रहण केंद्र को बंद कर दिया है। जिला विपणन कार्यालय को भेजे पत्र में जरूरी प्रक्रिया को पूरी करने और तालाबंदी करने का आदेश जारी किया है। बिलासपुर जिले के किसानांे से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने 128 खरीदी केंद्रों का गठन किया है। खरीदी केंद्रों से धान को सुरक्षित रखने के लिए जिला विपणन कार्यालय ने जिले में चार जगह संग्रहण केंद्र की स्थापना की है। सेमरताल, बिल्हा, भरनी और मोपका। इसमें से मोपका संग्रहण केंद्र को बंद कर तीन संग्रहण केंद्रों में उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव कर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हंै। 29 जनवरी को धान खरीदी का कार्य बंद हो गया है। अब खरीदी केंद्रों से संग्रहण केंद्रों में धान रखने परिवहन किया जा रहा है।इस दौरान कस्टम मिलिंग के तहत मिलरों को खरीदी केंद्रों से धान का उठाव करने के लिए मार्कफेड द्वारा डीओ भी काटा जा रहा है। उपार्जन केंद्रों के अलावा संग्रहण केंद्रों से भी मिलर धान का उठाव कर रहे हैं। इसी बीच राज्य शासन ने मोपका संग्रहण केंद्र को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। मालूम हो कि जिले के चार संग्रहण केंद्र में करीब 1500 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। ये सभी ठेका श्रमिक हैं। मोपका संग्रहण केंद्र बंद होने से वहां कार्यरत श्रमिक बेकार हो जाएंगे। नहीं हो रहा परिवहन विभागीय अधिकारियों को राज्य शासन की मंशा की भनक लग गई थी। यही कारण है कि उपार्जन केंद्रों से जिले के तीन संग्रहण केंद्रों में धान का परिवहन तो किया जा रहा था। लेकिन मोपका संग्रहण केंद्र में धान परिवहन की अनुमति मार्कफेड द्वारा नहीं दी जा रही थी।

पुराने धान का मांगा हिसाब

संग्रहण केंद्र बंद करने के साथ ही राज्य शासन ने मोपका संग्रहण केंद्र में बीते दो वर्ष के दौरान संग्रहण कर रखे गए धान की जानकारी मांगी है। संग्रहण केंद्र में अब भी कितना धान शेष है। उसकी स्थिति कैसी है। इसके अलावा पुराने धान की गुणवत्ता को लेकर भी शासन ने विस्तार से जानकारी मांगी है।

राज्य शासन ने एक आदेश जारी कर मोपका संग्रहण केंद्र को बंद करने कहा है। संग्रहण केंद्र में धान का परिवहन बंद कर दिया गया है। पूर्व में रखे धान की जानकारी जुटाई जा रही है।

गजेंद्र राठौर-जिला विपणन अधिकारी

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