भिलाई-समीपस्थ ग्राम धनोरा स्थित “रूमी विला” में आदिवासी ध्रुव गोंड समाज द्वारा नवनिर्वाचित सरपंच एवं नवनिर्वाचित जनपद सदस्य का भव्य अभिनंदन/सम्मान समारोह श्रीमती रूलेश्वरी बंजारे, सरपंच, ग्राम पंचायत-धनोरा के मुख्य आतिथ्य एवं श्री चंद्रशेखर बंजारे तथा जितेन्द्र टंडन, जनपद सदस्य, जनपद पंचायत, दुर्ग, श्रीमती रामप्यारी ठाकुर, वार्ड पंच के विशेष आतिथ्य एवं श्री जवाहर लाल ठाकुर, आदिवासी ध्रुव समाज, धनोरा के अध्यक्ष की अध्यक्षता में सभी समाज प्रमुखों की गरिमामय उपस्थिति में सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम सभी अतिथियों द्वारा गोंडो के इष्टदेव बुढ़ादेव की पूजा अर्चना एवं मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर किया ।
विशेष अतिथि के रूप में श्री चंद्रशेखर बंजारे ने कहा कि ग्राम के विकास में आदिवासी ध्रुव गोंड समाज का योगदान भी एकता और सदभाव बढ़ाने के लिए सदैव जाना जाता है। गोंडवाना का इतिहास बहुत पुराना है। गोंडों का धर्म कुल और ग्राम देवताओं के पंथ पर आधारित है।

विशेष अतिथि श्री जितेन्द्र टंडन ने कहा कि-” गोंड वह है जो अपने जीवन की अटूट आस्था को प्रकृति के कण-कण में स्थापित करता है इसलिए जीवनदायिनी प्रकृति आदिवासियों द्वारा सर्वोच्च शक्ति के रूप में पूजा जाता है।
मुख्य अतिथि की आसंदी से उदगार व्यक्त करते हुए श्रीमती रूलेश्वरी बंजारे ने कहा कि- “गाँव के विकासमें पंचायत की अहम् भूमिका होती है। सबका साथ, गाँव का विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारे हर लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम का संचालन एवं घन्यवाद ज्ञापन आदिवासी ध्रुव गोंड समाज के प्रमुख सलाहकार श्री छगन लाल नागवंशी ने किया।
अतिथियों का स्वागत मीना नागवंशी, आर.एस. मंडावी, भुनेश्वर सिंह ठाकुर, किशुन लाल ठाकुर, बैसाखू सोरी, चेला राम मंडावी, हेमीन ठाकुर, चन्द्रिका ठाकुर, किरण मंडावी, रामचंद्र नागवंशी, दिलीप ध्रुव, बलराम परतेती, भगत ठाकुर, नारायण गौतम, फुलेन्द्र नेताम, बाबू लाल नागवंशी, त्रिलोकी मंडावी, राजेश कुमार मार्सकोले ने फूलों का गुलदस्ता एवं श्री फल शॉल प्रदान कर किया ।
समाज के वरिष्ठ सदस्य श्री आर.एस. मंडावी की धर्मपत्नी श्रीमती बी. मंडावी के जन्मदिन पर समाज के सभी लोगों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राजनांदगाँव से पधारी श्रीमती सुशीला नेताम ने सभा को संबोधित किया। श्री सपन भटटाचार्य, सुश्री परवीन खान और श्रीमती सरोज दुबे ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं हिंदी गीत प्रस्तुत कर खुब प्रशंसा प्राप्त किया । श्री छगन लाल नागवंशी ने गोंडी धर्म रीति-रिवाज और संस्कृति पर अपने विचार रखते हुए “दुनिया वाले जानो हम तो आदिवासी आन” गीत प्रस्तुत कर खुब तालियाँ बटोरी ।
इस अवसर पर आदिवासी ध्रुव गोंड समाज के समाजिक सगाजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
