रायपुर। : बस्तर के दो दिवसीय दौरे से पहले रायपुर में मीडिया से चचा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलों पर विराम लगा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है। अभी बदलाव या फेरबदल नहीं होगा। हम निरंतर मंत्रियों के कार्यों की समीक्षा करते रहे हैं, जो नियत प्रक्रिया है। मैं स्पष्ट कर दूं कि यहां अभी बदलाव की कोई संभावना नहीं है, लेकिन आगे हाईकमान से जैसे निर्देश मिलेंगे उसका पालन किया जाएगा। मंत्रिमंडल के सभी सदस्य सामूहिक जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। सामूहिक जिम्मेदारी और तालमेल का ही परिणाम है कि दो साल में छत्तीसगढ़ ने न केवल राष्ट्रीय, बल्कि विश्व पटल पर भी नाम रोशन किया है। हम पार्टी के कार्यकर्ता हैं, इसलिए अवसर दिया जाता रहा है। केंद्रीय राजनीति में छत्तीसगढ़ की कभी अनदेखी नहीं हुई। अरविंद नेताम से लेकर विद्याचरण शुक्ला, मोतीलाल वोरा, चंदूलाल चंद्राकर और चरणदास महंत सक्रिय रहे हैं। भाजपा के 15 साल के दौरान भी कार्यकर्ताओं को दूसरे राज्य में भेजा जाता था। वहां कार्यकर्ता अपने अनुभव बताते थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चुनाव के बाद पदाधिकारियों के चयन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस के लोग नागपुर के बंधुआ मजदूर हैं। बिसराराम छत्तीसगढ़ के स्थानीय व्यक्ति थे अब उनको हटाकर नागपुर के आदमी को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी दे दी गई है। साफ हो गया कि यहां के लोग शीर्ष पर नहीं रहेंगे। जैसे नक्सलियों के कमांडर आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के हैं और गोली स्थानीय लोग चलाते हैं। उसी प्रकार सभी नागपुर के लोग हैं। बचे सिर्फ अफवाह फैलाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस खतरनाक संगठन है। इसके लोग पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गांधी की हत्या कैसे किए, सब जानते हैं। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि भूपेश बघेल और उनके सांसदों ने आरएसएस का इतिहास नहीं पढ़ा है। आरएसएस के बारे में न उनकी सोच है, न समझ। आरएसएस देशभक्त संगठन है। इसी संगठन से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी निकलें हैं, जो देश में चमत्कार कर रहे हैं।
