Delhi-हाईकोर्ट ने सैलून की तरह स्पा को भी खोलने की इजाजत प्रदान कर दी है। अदालत ने स्पा संचालकों को कोरोना संक्रमण के लिए निर्धारित मानदंडों का पालन करते हुए अपने स्पा चलाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रतिभा मनिंदर सिंह ने स्पा संचालकों को निर्देश दिया कि वे अपने सभी कर्मचारियों का दो हफ्ते में कोरोना टेस्ट कराए। अदलत ने स्पा संचालकों द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने रोजगार के अधिकार का तर्क रखते हुए कहा था कि जब सैलून खोलने की इजाजत दी जा सकती है तो सपा को क्यों नहीं।
अदालत ने सरकार को स्पा नहीं खोलने संबंधी अपने फैसले पर पुन: विचार करने का निर्देश दिया था। अदातल ने कहा था कि जब सैलून खोलने की इजाजत दी जा सकती है तो स्पा खोलने की इजाजत क्यों नहीं है? अदालत का मानना था कि पहली नजर में स्पा संचालकों की दलील तर्कंसगत है कि कि अगर सैलून चलाने की अनुमति दी जा सकती है तो स्पा चलाने की क्यों नहीं?
वहीं सरकार ने पहले कहा था कि स्पा सेंटर के स्टाफ छह फुट की दूरी का पालन नहीं कर पाएंगे। इस पर स्पा संचालकों ने कहा था कि सैलून में भी छह फुट की दूरी का पालन नहीं हो सकता तो उन्हें चलाने की इजाजत कैसे मिली है? उन्होंने दिल्ली सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि उसने पिछले 18 नवंबर को ही स्पा खोलने का सर्कुलर जारी किया था। इस पर दिल्ली सरकार ने कहा था कि वो कोरोना के तीसरे लहर में अभी स्पा खोलने की अनुमति नहीं देगी। तब कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि केवल स्पा को ही क्यों बंद रखा जाए। इसमें स्पेशल क्या है, जब आपने हर चीज खोल रखी है।
याचिका दिल्ली के स्पा संचालकों ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि कोरोना के संकट के दौरान जो बंदिशें लगाई गई उसमें उनका व्यवसाय ठप हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय स्पा खोलने की अनुमति नहीं दे रहा है। स्पा को पर्याप्त सुरक्षा, सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खोलने की अनुमति देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया जाए।
