राजनांदगांव| जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश सुषमा सावंत ने बताया कि 8 मार्च को जिला राजनांदगांव में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में कोई भी इच्छुक स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से अपने प्रकरणों के निराकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। संबंधित पक्षों की सहमति से प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत में सुनाए गए फैसलों की सामान्य अदालत में सुनाए गए फैसले जितनी ही अहमियत होती है। लोक अदालत में सुनाए गए फैसले के खिलाफ अपील दायर नहीं की जा सकती।
न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है, जिसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव द्वारा नेशनल लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय राजनांदगांव, व्यवहार न्यायालय खैरागढ़, डोंगरगढ़, अंबागढ़ चौकी, छुईखदान एवं राजस्व न्यायालयों राजनांदगांव, खैरागढ़ छुईखदान गंडई एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ ़ चौकी सहित कुल 49 खण्डपीठों का गठन किया गया है। बताया कि खण्डपीठों द्वारा ही विभिन्न प्रकरणों तथा प्री-लिटिगेशन का निराकरण किया जायेगा।
