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सफलता की कहानी : ग्रामीण परिवेश में सामाजिक परिवर्तन ला रही बिहान योजना

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अरूणा ने लीक से हट कर किया कार्य

जागृति फोटोकापी एवं स्टेशनरी की दुकान से बनी स्वावलंबी

राजनांदगांव 29 दिसम्बर। ग्रामीण परिवेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना सामाजिक परिवर्तन ला रही है। गांव की अंतर्मुखी स्वभाव की महिलाएं स्वसहायता समूह से जुड़ी है और संकोच दूर कर बिहान की महिलाएं स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। छुरिया विकासखंड के ग्राम लाममेटा की श्रीमती अरूणा साहू ने समूह से 70 हजार रूपए का ऋण लेकर फोटो कापी मशीन लेकर कार्य आरंभ किया और आत्मनिर्भर बनी।

श्रीमती अरूणा साहू गृहिणी है और गांव में लीक से हट कर कार्य करने की सोच ने उनको आगे बढ़ाया। जागृति फोटोकॉपी एवं स्टेशनरी दुकान से उन्हें एक नई पहचान मिली। उन्होंने बताया कि स्वसहायता समूह में जुडऩे से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। परिवार की स्थिति को देखते हुए वह मजदूरी करने के लिए जाती थी। गांव में ही श्रीमती अरूणा साहू ने स्वसहायता समूह के बारे में जाना कि समूह में आपस में बचत कर एवं लोन की राशि के माध्यम में आजीविका हेतु कार्य किया जा सकता है। स्वसहायता समूह से जुड़कर आपसी बचत कर समूह से ऋण लेकर आवश्यकताओं को पूर्ति करती थी। वर्ष 2019 में उन्होंने बैंक लिंकेज के माध्यम से प्राप्त राशि का उपयोग करके बिहान परिसर में फोटोकॉपी एवं स्टेशनरी की दुकान खोली, दुकान खुलने के बाद परिवार की नियमित आय का साधन मिला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दुकान में लगभग 8000 रूपये प्रतिमाह की आय है। बिहान से जुड़कर आज अरूणा को अपने परिवार के नियमित आय का साधन मिला।

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