Home छत्तीसगढ़ सफलता की कहानी : पक्का चेकडेम बनने से ग्राम भीमपुरी की बदली...

सफलता की कहानी : पक्का चेकडेम बनने से ग्राम भीमपुरी की बदली फिजां

23

14 लाख 96 हजार रूपए की लागत से पक्का चेकडेम बनने पर बढ़ा फसल का रकबा

राजनांदगांव 29 दिसम्बर 2020। पक्का चेकडेम बन जाने से खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम भीमपुरी की फिजां ही बदल गई है। शासन के कृषि विभाग के तहत टारगेटिंग राईस फेलो एरिया के तहत जब 14  लाख 96 हजार रूपए की लागत से पक्का चेकडेम बना तब गांव में फसल का रकबा बढ़ा और खुशहाली आई है।

पहले तो गर्मी में महीने में नाले में पानी पूरी तरह सूख जाता था। पक्का चेकडेम बनने के बाद गर्मी के दिनों में भी किसानों को पर्याप्त पानी मिल रहा है। किसान खरीफ की फसल के साथ ही रबी की फसल तिवरा, चना, कोदो, कुटकी की फसल ले रहे हैं। आसपास के ट्यूबवेल में जल का स्तर बढ़ा है और मेढ़ो में अरहर का भरपूर उत्पादन हुआ और चारे में भी वृद्धि हुई। वर्ष 2019-20 में धान का रकबा 24 क्विंटल प्रति हेक्टेयर था जो अब वर्ष 2020-21 में बढ़कर 34 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया है। वर्ष 2019-20 में सोयाबीन का रकबा 6 क्ंिवटल प्रति हेक्टेयर था जो वर्ष 2020-21 में बढ़कर 9 क्ंिवटल प्रति हेक्टेयर हो गया है। अभी 26.09 हेक्टेयर भूमि पर किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

Previous articleविशेष आलेख : वनवासियों के हितों का शासन ने रखा ध्यान
Next articleसफलता की कहानी : ग्रामीण परिवेश में सामाजिक परिवर्तन ला रही बिहान योजना