राजनांदगांव-आधी रात सागौन की अवैध तस्करी करते ग्रामीणों के हत्थे चढ़े आईटीबीपी जवान
आधी रात सागौन की अवैध तस्करी करते ग्रामीणों के हत्थे चढ़े आईटीबीपी जवान
राजनांदगांव, 27 दिसंबर। नक्सल मोर्चे में तैनात पैरामिलिट्री फोर्स आईटीबीपी के जवानों के द्वारा सागौन की अवैध तस्करी का मामला सामने आने से जिले में खलबली मच गई। बताया गया है कि खैरागढ़ वन मंडल के घोटिया गांव में बीती रात करीब 1.30 बजे आईटीबीपी फोर्स के जवान सरकारी वाहन में सागौन की लकडिय़ां लादकर ले जा रहे थे। इसी बीच ग्रामीणों की नजर पड़ गई। ग्रामीणों के द्वारा घेराबंदी करने से हड़बड़ाए जवानों ने रौब दिखाने की भी पूरी कोशिश की। इसके बावजूद ग्रामीणों ने जवानों को रंगे हाथ पकड़ते हुए वन महकमे को सूचना दी।
बताया जा रहा है कि सागौन तस्करी के संगीन मामले को लेकर डोंगरगढ़ वन अनुविभागीय अधिकारी टीए खान मौके पर पहुंच गए। इससे पहले उन्होंने 5 वनकर्मियों को घटनास्थल पर भेजा। आईटीबीपी के जवानों ने फारेस्ट कर्मियों के आने के बावजूद अपना दबदबा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ा।
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों और वनकर्मियों के बढ़ते दबाव से निपटने के लिए राजनांदगांव से जवानों ने अतिरिक्त फोर्स बुला लिया। इस दौरान जवानों ने गाली-गलौज करते हुए अपना रूतबा दिखाया। बताया जा रहा है कि वन महकमे ने सीधे तौर पर जवानों को वाहन वन डिपो ले जाने के लिए कहा। डिपो में लकड़ी खाली करने के फौरन बाद जवान वाहन लेकर भाग खड़े हुए। नक्सल क्षेत्र में तैनात आईटीबीपी फोर्स के इस कथित सागौन तस्करी का खुलासा होने के बाद जिले के दूसरे हिस्सों में वन सुरक्षा को लेकर फोर्स पर सवाल खड़ा हो गया है।
