डोंगरगढ़ | आग फैलने की सूचना के बाद दमकल वाहन और ऊपर मंदिर के लिए बिछी पाइप पाइन का वाल्व खोलकर आग बुझाने काम काम शुरू किया गया। चार घंटे की मशक्कत के बाद रात करीब 3 बजे आग पर काबू पाया जा सका। मंदिर पहाड़ी के पिछले हिस्से में रात करीब 9 बजे आग लगी थी। आग तेजी से फैलने लगी। जिसकी जानकारी मिलते ही प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू किया था। हालाकि आग पहाड़ी के पीछे ऐसे हिस्से में लगी थी, जहां दुकानें या मकान नहीं हैं।
इसके चलते जानमाल की हानि का खतरा कम था। मौके पर एसडीएम मनोज मरकाम, वन विभाग की एसडीओ पूर्णिमा राजपूत, तहसीलदार कमल किशोर साहू, तहसीलदार मुकेश ठाकुर, थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा पुलिस जवानों के साथ मौजूद रहें। आईटीबीपी के जवानों ने भी आग बुझाने जुटे रहें। दुकानों तक पहुंच सकती थी आग: पहाड़ी में लगी आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि समय पर काबू नहीं पाया गया होता तो दुकानें इसकी चपेट में आ सकती थी। हालाकि सामूहिक प्रयास से आग को पहाड़ी के पिछले हिस्से में रहते ही बुझा दिया गया।
प्रशासनिक टीम ने सुबह भी पहुंचकर जायजा लिया। लेकिन आग पूरी तरह बुझ चुकी थी। वन विभाग के अधिकारियों ने शुरुआती जांच में आग लगने की वजह को असामाजिक तत्वों की करतूत बताया है।



