राजनांदगांव स्कूलों में सालभर जिस पैटर्न में पढ़ाई कराई गई अब विद्यार्थी उसी पैटर्न में परीक्षा देंगे। सीबीएसई के पैटर्न में पढ़ने वाले बच्चे उसी आधार पर परीक्षा देंगे। वहीं सीजी बोर्ड की पढ़ाई करने वाले बच्चे सीजी बोर्ड के पैटर्न में कक्षा 5वीं एवं 8वीं बोर्ड की परीक्षा देंगे। जिले में कुल 14 स्कूलों में सीबीएसई के पैटर्न पर पढ़ाई कराई गई। इसमें 1 केन्द्रीय विद्यालय शामिल है वहीं 2 नवोदय स्कूल शामिल है। मान्यता प्राप्त 11 निजी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न चल रहा है। वहीं कुछ स्कूलों में सीबीएसई एवं सीजी बोर्ड दोनों संचालित है।
प्रदेश सरकार ने इस साल 5वीं एवं 8वीं केन्द्रीयकृत परीक्षा बोर्ड कराने का निर्णय लिया है। प्रदेश के अन्य जिलों में निजी स्कूलों के बीच प्रति स्पर्धा के चलते सीबीएसई की मान्यता होने का दावा कर मोटी फीस वसूली, बच्चों को एडमिशन दिया और मान्यता नहीं होने पर सीबीएसई सिलेबस या प्राइवेट पब्लिशर की किताबों से पढ़ाई कराई गई।
उन स्कूलों को मान्यता देने की जिम्मेदारी डीईओ की होती है। लेकिन सालभर वहां क्या किस पैटर्न में पढ़ाई कराई जा रही इस पर शिक्षा विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता है। शिक्षा विभाग के अफसरों का कहना है सीबीएसई की मान्यता देने डीईओ केवल अनुशंसा करते हैं। सीबीएसई की टीम स्कूल की जांच कर मापदंड पर खरा उतरने पर मान्यता देती है। यहां सभी 11 निजी स्कूलों को सीबीएसई से मान्यता मिली है इस कारण स्कूल या पालकों से कोई शिकायत नहीं पहुंची।
अब तक किसी ने कोई शिकायत नहीं की है डीईओ प्रवास सिंह बघेल ने बताया ने बताया जिले में अब तक किसी स्कूल या पालकों की शिकायत नहीं मिली है। पहली से 8वीं तक बोर्ड नहीं होता सीबीएसई से 9वीं से 12वीं मान्यता मिलती है तो वह स्कूल पहली से 12वीं तक सीबीएसई मान्यता प्राप्त कहलाता है। सीबीएसई और सीजी बोर्ड दोनों पैटर्न में सालभर पढ़ाई गई और दोनों पैटर्न में परीक्षा ली जाएगी।
