राजनांदगांव। भारतीय दंत चिकित्सा संघ (IDA) राजनांदगांव शाखा का शपथ ग्रहण एवं स्थापना समारोह 9 फरवरी 2025 को लालबाग स्थित होटल आवाना में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. एम. के. दिवाकर (अध्यक्ष, भारतीय चिकित्सा संघ, राजनांदगांव) एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. नरेंद्र गांधी (सचिव, भारतीय चिकित्सा संघ, राजनांदगांव) द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों के समक्ष नव-निर्वाचित दंत चिकित्सक सदस्यों को शपथ ग्रहण कराया गया। डॉ. एम. के. दिवाकर एवं डॉ. नरेंद्र गांधी द्वारा सभी सदस्यों को शपथ दिलाई गई एवं पारंपरिक बैच पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनुप्रीत कौर को IDA राजनांदगांव शाखा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। नई कार्यकारिणी में अन्य प्रमुख पदाधिकारियों की नियुक्ति इस प्रकार रही- तत्काल भूतपूर्व अध्यक्ष: डॉ. शारदा साहू , उपाध्यक्ष: डॉ. अनुष्का देवघरे निर्वाचित अध्यक्ष : डॉ. अनिरुद्ध गांधी , सचिव: डॉ. नुपुर सरकार, कोषाध्यक्ष: डॉ. नितेश जैन, संयुक्त सचिव: डॉ. अंकुर पृथियानी, सहायक सचिव: डॉ. रीना पाटिला, संपादक / मीडिया प्रतिनिधि: डॉ. जय टांक, सी.डी.एच. प्रतिनिधि: डॉ. प्रशांत कोठारी, सी.डी.ई. प्रतिनिधि: डॉ. अरिहंत गोलछा, स्थानिय शाखा प्रतिनिधि: डॉ. अंकिता दुलानी, अन्य कार्यकारिणी परिषद सदस्य: डॉ. आकांक्षा सोनी , डॉ. भूमिका भावे , डॉ. प्राप्ति बरड़िया , डॉ. मंजरी गांधी , डॉ. रीमा पृथियानी और डॉ. आकाश कटियारा. अन्य दंत चिकित्सको में डॉ. गिरीश गुप्ता,डॉ क्रांति गुप्ता , डॉ. रूद्रप्रताप, डॉ. सुबोध, डॉ. प्रतीक. डॉ सुमीत उपस्थित थे. कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों को भारतीय दंत चिकित्सा संघ, राजनांदगांव शाखा की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस समारोह ने न केवल दंत चिकित्सा क्षेत्र के नए नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनके समर्पण और प्रतिबद्धता को भी उजागर किया और इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह व्याख्यान डॉ. नीरज कुमार चंद्राकर द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो इस कार्यक्रम के गेस्ट स्पीकर थे। फुल माउथ इम्प्लांट रिहैबिलिटेशन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन जानकारी दी। उन्होंने रिमूवेबल और फिक्स्ड प्रॉस्थेटिक अप्रोच के बीच के अंतर को विस्तारपूर्वक समझाया और बताया कि किस प्रकार से ये दोनों तकनीकें मरीजों की जरूरतों के अनुसार प्रभावी रूप से अपनाई जा सकती हैं। डॉ. चंद्राकर ने इस प्रक्रिया के क्लिनिकल दृष्टिकोण, डायग्नोसिस, ट्रीटमेंट प्लानिंग से लेकर फाइनल रिहैबिलिटेशन तक के हर पहलू को बेहद सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। उनके व्याख्यान ने उपस्थित दंत चिकित्सकों में इस विषय को लेकर नई ऊर्जा, सराहनीय , ज्ञानवर्धक और उत्साह का संचार किया । कार्यक्रम के समापन पर IDA राजनांदगांव शाखा द्वारा डॉ. नीरज कुमार चंद्राकर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में राजनांदगांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।






