राजनांदगांव। सायबर अपराधों में उपयोग किए गए म्यूल बैंक खाताधारकों एवं सप्लायर के विरूद्ध राजनांदगांव पुलिस को बड़ी सफलता मिली हैं। मिशन सायबर सुरक्षा के तहत थाना घुमका और साइबर सेल राजनांदगांव की टीम ने घुमका स्थित बैंक आफॅ महाराष्ट्र शाखा के 11 बैंक खातों में साइबर ठगी के माघ्यम से 958718 रूपए ठगी की रकम प्राप्त की गई थी। इस मामले में ठगी के लिए खाता उपलब्ध कराने वाले पांच और म्यूल बैंक खाताधारक पांच को गिरफ्तार किया गयाहै। इन खातों से 2.37 करोड़ रूपए के संदेहास्पद ट्रांजेक्शन की जानकारी भी मिली है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अभियान के तहत समन्वय पोर्टल के माध्यम से थाना घुमका क्षेत्रांतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्रा शाखा घुमका स्थित कुल 11 बैंक खातों जिनका उपयोग विभिन्न साइबर अपराधों में प्रयोग किया गया है, उनको चिन्हांकित कर उक्त खाता धाराकों एवं खाता को सप्लाई करने वालों के विरूद्ध थाना घुमका में अपराध क्रमांक 11/2025, धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111(3) (5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। प्रकरण में संयुक्त टीम गाठित कर सर्वप्रथम 8 फरवरी को आरोपियों से पूछताछ की गई। प्रकरण में शेष अन्य 4 खाताधारक एवं संलिप्त अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।
पूछताछ के दौरान खाताधारक जयप्रकाश वर्मा द्वारा अपने बैंक खता को कमीशन में देवव्रत निषाद उर्फ देवा को देना बताया गया। इस आधार पर देवव्रत को हिरासत में लिया गया। अन्य खाताधारक इंद्रकुमार वर्मा, टिकेन्द्र कुमार संघारे और मानस पटेल द्वारा पूछताछ में अपना-अपना बैंक खता, एटीएम कार्ड, चेकबुक और रजिस्टर्ड सिम को संजय कुमार साहू को देना बताया गया। आरोपी संजय को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर वह उक्त बैंक खातों को मंगलम सोनी को देना बताया। मंगलम सोनी से पूछताछ में उसने खाता विशाल कुमार सोना निवासी नंदनी रोड भिलाई को देना बताया था।
आरोपी विशाल द्वारा इंद्रकुमार वर्मा, टिकेन्द्र कुमार संघारे और मानस पटेल के उक्त बैंक खातों को उत्तरप्रदेश के किसी व्यक्ति को देना बताया है। जिसकी पतासाजी की जा रही है। इसके अलावा खताधारक सेवंत वर्मा द्वारा अपने बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक और रजिस्टर्ड सिम को देवेन्द्र दास मानिकपुरी उर्फ सोनू निवासी कैम्प 2 भिलाई के पास पेसेमें बेचना बताया, तब देवेन्द्र दास मानिकपुरी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर संवंत वर्मा के बैंक खाता को किसी उत्तरप्रदेश निवासी के पास कमीशन में देनाबताया है। जिसके बारे में पता तलाश की जा रही है। खाताधारक सछाम खान और मोहसीन खान दोनों निवासी हरडुआ ने पूछताछ पर अपने बैंक खातों को टेलीग्राम के माध्यम से परिचित किसी भिलाई के युवक को पैसे में बेचना बताया। जिसके संबंध में पतासाजी की जा रही है।
