राजनांदगांव संस्कारधानी का दादा ग्रुप सेवा की मिसाल बन गया है। 17 साल से स्टेशन में रोजाना लोगों को निशुल्क गर्म भोजन परोस रहे। ग्रुप के 15 सदस्यों की इस पहल से इस हिस्से में अब कोई भी भूखा नहीं सोता। रोजाना 150 से 200 लोग रात में स्टेशन परिसर में भोजन कर रहे हैं। इसमें ट्रेनों का इंतजार करने वाले यात्री भी शामिल रहते हैं।
दादा ग्रुप के प्रमुख बृजेश श्यामकर व सदस्य संजय बहादुर सिंह ने बताया कि रात में जब भी वे स्टेशन पहुंचते थे, कई लोगों को खाने के लिए पैसा जुटाते देखा करते थे। कई यात्रियों को स्टेशन परिसर में भूखा सोते भी देखा। कुछ ऐसे लोग रहते हैं, जिनके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं होता। मजबूरी में स्टेशन में रात बिताने वाले भी भूखे सो जाते। ऐसे लोगों को देखकर उन्होंने यह पहल की। 17 साल पहले स्टेशन में भूखे लोगों को भोजन उपलब्ध कराना शुरु किया। धीरे-धीरे इस सेवा को नियमित किया। इसके बाद ग्रुप के सदस्यों ने इस सेवा को अपना लक्ष्य ही बना लिया। आज हर रात करीब 200 लोग स्टेशन परिसर में भोजन कर रहे हैं। कभी-कभी यह संख्या 300 से 400 के पार भी रहती है। लेकिन सभी को पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह भोजन पूरी तरह निशुल्क रहता है।
