शोध वास्तविक व नैतिकता से पूर्ण हो : डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव
राजनांदगांव । शासकीय दिग्विजय स्वाशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, के प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता के निर्देशन एवं संयोजक डॉ. सोनल मिश्रा के मार्गदर्शन में पीएम उषा के अन्तर्गत, वनस्पति विज्ञान विभाग, एवं महिला सेल के संयुक्त तत्वावधान में “रिसर्च मेथोडोलोजी” विषय पर 5 से 13 फरवरी तक सात दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला के तृतीय दिवस मुख्य वक्ता के रूप में वी.वाय. टी. पीजी कॉलेज, दुर्ग के भूगर्भ विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रशांत कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे ।
संयोजक डॉ. सोनल मिश्रा ने कार्यशाला के तृतीय दिवस के अवसर पर उपस्थित मुख्य वक्ता को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया ।
मुख्य वक्ता डॉ. श्रीवास्तव ने “रिसर्च मेथोडोलोजी” के तहत रिसर्च एथिक्स विषय पर शोध में नैतिकता से जुड़े सिद्धांतों और प्रथाओं पर चर्चा करते हुए शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को नैतिक मानकों को बनाए रखने के लिए मार्गदर्शन दिया । साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अभिप्रेरित करते हुए बताया कि शोध कार्य के दौरान हम सदैव सकारात्मक रहे एवं शोध में कभी नकल नहीं करना चाहिए । शोध वास्तव में लोकहित में हो एवं इसमें इस बात पर ध्यान रखा जाए कि अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन हो । कार्यक्रम का संचालन प्रगति नोन्हारे व आभार व्यक्त डॉ. किरण जैन ने किया । कार्यशाला में कमला महाविद्यालय और साइंस महाविद्यालय के विद्यार्थीयों ने सहभागिता दी । महाविद्यालय के प्राध्यापक मोहित साहू, आकांक्षा रामटेके का विशेष सहयोग रहा एवं भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे ।
