राजनांदगांव दिसंबर जैन आचार्य विद्यासागर महाराज के द्वारा लिखे गए महाकाव्य मूकमाटी को एक नया रूप दिया गया है। इस महाकाव्य को उनके अनुयायियों ने चांदी के पन्नों में लिपिबद्ध किया है। इसका विमोचन गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया। शाह ने कहा कि यह जन्मों जन्म तक सुरक्षित और संरक्षित रहेगा। आने वाली पीढ़ियां भी उनका संदेश पढ़ पाएंगी। उनके सिद्धांत, उपदेश, विचार संदेश बनकर युगों-युगों तक अमर रहेंगे। गुरुवार को चंद्रगिरी पर्वत पर आचार्य विद्यासागर महाराज के समाधि स्थल का भूमिपूजन करने शाह डोंगरगढ़ पहुंचे थे।
उन्होंने आचार्यश्री के चरणों की पूजा-अर्चना की। समाधि स्थल का भूमिपूजन किया और उनके चरण चिन्ह का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि आचार्यश्री ने सबके प्रति समभाव रखा तथा वितरागी रहे। हिन्दी में मूक माटी उनका महाकाव्य बना। अनेक भाषाओं में उनके अनुयायियों ने इसे संरक्षित किया है। आचार्य विद्यासागर ने कहा है कि जिस प्रकार भोजन की थाली में विविध प्रकार के व्यंजन होते है, उसी प्रकार हमारे देश में विभिन्न प्रकार की लिपियां, बोली, भाषा, व्याकरण, सांस्कृतिक रूप से देश को समृद्ध बनाते हैं। उन्होंने धर्म, दर्शन, आध्यात्म के साथ राष्ट्र प्रेम के प्रति जनसामान्य को जागरूक किया है।
