शासन-प्रशासन से नहीं मिल रहा सहयोग, खुद के खर्चे से दे रहे हैं तमाम सुविधाएं
राजनांदगांव. सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले पशुधन की देखभाल और इलाज के लिए शासन-प्रशासन के पास कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। यही कारण है कि हादसे में घायल मवेशियों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती और वे सड़क पर दम तोड़ रहे हैं। शहर में युवाओं की एक-दो समूह है, जो ऐसे घायल मवेशियों को चिकित्सा सुविधा देने के लिए तत्पर रहते हैं। ऐसे ही एक युवाओं की टीम शहर में कार्य कर रही है। ये टीम कंचनबाग स्थित विश्वकर्मा मंदिर में छोटा सा शेल्टर हाऊस बनाकर घायल गायों की इलाज कर रहे हैं।
इस टीम द्वारा घायल मवेशियों का रेस्क्यू कर शेल्टर हाऊस में लाया जाता है और इलाज के बाद पूरी तरह ठीक होने पर छोड़ दिया जाता है। इस कार्य में उन्हें हर महीने 50 हजार से अधिक राशि की जरूरत पड़ रही है। टीम में तकरीबन 50 सदस्य हैं, जो हर महीने अपनी कमाई का कुछ हिस्सा गौ सेवा के लिए जमा करते हैं। इसके अलावा कुछ समाजसेवी और सामान्य लोग भी मदद करते हैं। मदद के तौर पर पशुओं के लिए चारा-पानी और दवा के अलावा आर्थिक सहयोग कर देते हैं। इसमें दर्जनभर ऐसे युवा हैं, जो घायल पशुओं की रेस्क्यू से लेकर उनके इलाज और शेल्टर हाऊस में उनकी रोजाना देखभाल करते हैं।
