0 इंग्लिश आर्च्ड, नुक्कड़ नाटक, विज्ञान मॉडल रहा आकर्षण का केंद्र
राजनांदगांव। प्रतिवर्ष पालकों की विशेष मांग के आधार पर कुछ नया सीखने व जानने के उद्देश्य से शिक्षा व संस्कार के क्षेत्र में अग्रणी गायत्री विद्यापीठ में विज्ञान मेले का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें कक्षा नर्सरी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने विज्ञान, हिन्दी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, आर्ट एवं क्राफ्ट जैसे विषयों पर एक_ से बढ़कर एक ज्ञानवर्धक, रोचक एवं उपयोगी मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मेले का शुभारंभ गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर सुरजन, उपाध्यक्ष राजेश जैन, संध्यादेवी सिंघल, सचिव गगन लड्ढा, सहसचिव निकुंज सिंघल द्वारा किया गया। साथ ही साथ इस मेले में संरक्षक नंदकिशोर सुरजन, सुषमा सुरजन, सांस्कृतिक प्रभारी हरीश गांधी, रूपाली गांधी, एकेडमिक डायरेक्टर अमित उत्तलवार, शाला की प्राचार्य शैलजा नायर, पिंकी खण्डेलवाल, सीमा श्रीवास्तव, उपप्राचार्य रश्मि ठाकुर, वन्दना डुंभरे, तामेश्वरी साहू, स्कूल मैनेजर तरणजीत सिंह टूटेजा, प्रशासक अनिल वाजपेयी, विज्ञान विभाग के एचओडी संतु गुप्ता, आशीष शर्मा, शाला के विद्यार्थीगण, शहर के गणमान्य नागरिक एवं विद्यालय के समस्त शिक्षकों की उपस्थिति में की गई।
उक्त आयोजन में विद्यार्थियों द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित विभिन्न मॉडल प्रस्तुत किये गये जो बेहद ज्ञानवर्धक, रोचक व शिक्षाप्रद रहे। इसमें मुख्य रूप से विज्ञान मॉडल्स के साथ-सार्थ इंग्लिश आर्च्ड, नुक्कड़ नाटक, गायत्री हेल्थ सेंटर, ईवीएम मशीन, रोबोटिक्सआदि आकर्षण का केंद्र रहा। साथ ही साथ ‘‘रील वर्सेस रियल लाईफ’’ विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक बेहद प्रभावी रहा जो शिक्षक राहुल जैन के निर्देशन में तैयार किया गया था। विद्यालय के बच्चों द्वारा विज्ञान के आधुनिकतम खोज के रूप में कई मॉडल्स ने लोगों का ध्यान खींचा। विभिन्न मॉडल्स देखकर लोगों ने कहा कि आधुनिक विज्ञान मनुष्य की उन्नति में बहुत ही सहायक है। छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति पर आधारित मॉडल एवं व्यंजन भी खुब वाह-वाही बटोरने में सहायक रहा इसकी अवधारणा शिक्षक प्रशांत सिन्हा के मार्गदर्शन थी।
इसी प्रकार प्री-प्राईमरी व प्राईमरी के नन्हें-मुन्ने बच्चों द्वारा अनेक शानदार मॉडल प्रस्तुत किये गये। जिसमें मुख्य रूप से टेÑफिक सिग्नल, बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम, मानव शरीर की संरचना, जल संरक्षण, हमारे संस्कार आदि मॉडल प्रस्तुत किये गये। विज्ञान मेले का अवलोकन करते हुए सचिव गगन लड्ढा द्वारा कहा गया कि दृढ़ इच्छा शक्ति व परिश्रम से हर क्षेत्र में आप सफल हो सकते हैं। विकसित राष्ट्र हेतु आप जैसे प्रतिभावानों की आज देश को आवश्यकता है। मैं इन सभी भावी वैज्ञानिकों को अपनी शुभकामना व आशीर्वाद देता हूँ।
शाला की प्राचार्य शैलजा नायर द्वारा कहा गया कि यह विद्यालय, यहां की कार्यप्रणाली विशिष्ट है जो हमें भीड़ से अलग पहचान देती है। क्षेत्र चाहे कोई भी हो शिक्षा, खेल, संस्कार सभी क्षेत्रों में हमने अपनी बेहतर छवि बनाई है। यहां पालकों की उपस्थिति निश्चित तौर पर विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने में सहायक है। उनके उ’जवल भविष्य की ओर एक सराहनीय कदम है। मैं शिक्षकों के साथ-साथ सभी पालकों का भी विशेष आभार व्यक्त करती हूँ जिन्होंने अपनी उपस्थिति से आयोजन को सफल बनाया। आभार प्रदर्शन उपप्राचार्य रश्मि ठाकुर द्वारा किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि यह विद्यालय राष्टÑ की उन्नति के लिए दृढ़ संकल्पित है। बच्चों की बेहतर प्रस्तुति उनके निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर होने में सहायक होंगी ऐसी मैं कामना करती हूँ। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता उषा झा, क्रीडाधिकारी अखिलेश मिश्रा द्वारा किया गया। वीडियोग्राफी व्याख्याता आशीष सोनवानी द्वारा किया गया।
