छुईखदान — छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय त्योहारों में द्वितीय अगहन वृहस्पति पूजा 28 नवम्बर 2024 गुरुवार को रानी मंदिर छुईखदान में महिलाओं द्वारा सामूहिक पूजा अर्चना किया गया । मंदिर समिति के संरक्षक लतारानी लाल जे के वैष्णव ने जानकारी दी कि महिलाएं घर में पूजा कर रानी मंदिर में प्रतिष्ठित मां लक्ष्मी जी कलश , धान की बाली , रखिया कांदा , की सामूहिक पूजा कर कथा वाचन हुंकारु अनिवार्य रूप से देकर भोग लगाती हैं । पूजा से पहले बुधवार की शाम से ही घर की साफ-सफाई , मंदिर परिसर की साफ-सफाई गोबर से लीपकर चौक रंगोली मुख्य द्वार से पूजा स्थल तक चूना छुही से चौंक बनाकर विशेष रूप से मां लक्ष्मी जी के पद चिन्ह को चावल के आटे के घोल से बनाकर हल्दी चावल पुष्प फूल चढ़ाकर दीपक जलाते हैं । गुरुवार के दिन सुबह दोपहर शाम तीन समय पूजा होती है जिसमें कथा श्याम बाला , जगन्नाथ बलभद्र , नल दमयंती , सीरिया पीरिया ब्राम्हण कन्या की कथा , सहस्त्र कमल दल चौंक पर होता है । भोग में मीठा चीला , बोबरा, मालपुआ ,हल्वा , खीर , तिलगुंजिया , पूरनपूडी का भोग लगाकर मां लक्ष्मी जी की सामूहिक भजन कीर्तन करते हैं । इस अवसर पर रोहिणी शर्मा , रंजना गजेन्द्र सोनी , प्रमिला जंघेल , संगीता संजय वैष्णव , कुमारी श्रीवास , काजल तम्बोली, सीमा अनिल राजपूत पुजारी ,मिथिला ठाकुर, पार्वती यादव , लतारानी वैष्णव , जमुना यादव, सुप्रिया महोबिया, राखी , पूजा ,रेणू , रानू ,रीनू महोबिया , ललिता यादव , दिव्या प्रधान, आकांक्षा उपाध्याय , चन्द्रकला अशोक नामदेव , रोहिणी शर्मा ,मधु राजपूत , ममता महोबिया , गुड्डी महोबिया , रानू महोबिया , निशा नामदेव , दामिनी , आरती भुनेश्वरी , वीणा , नंदनी , रजमत सहित बड़ी संख्या में भक्त महिलाएं उपस्थित रहतीं हैं। इस वर्ष 2024 में चार अगहन वृहस्पति पूजा होगी , अंतिम अगहन वृहस्पति पूजा पश्चात 12 दिसम्बर 2024 को भंडारा प्रसाद वितरण किया जायेगा ।
