आगरा- एक ही गांव में 58 भूमाफिया ने 1.15 अरब से ज्यादा कीमत की नजूल, सरकारी व निजी जमीनों पर कब्जे कर लिया। करीब 1.38 लाख वर्ग मीटर जमीनें फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दीं। सैकड़ों किराएदार बसा दिए। ये सच्चाई है सदर तहसील के मौजा चक हफ्तम की। यहां एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स ने ऐसे 58 भूमाफिया की सूची बनाई हैं। जिलाधिकारी के हस्ताक्षर के बाद इनकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।
यमुनापार एत्माउदद्दौला क्षेत्र में महताब बाग के पास मौजा चक हफ्तम है। यहां 25 हेक्टेयर से अधिक नजूल व राजकीय आस्थान की भूमि है। लंबे समय तक जमीनें खाली पड़ी रहीं। पिछले 10 साल में यहां भूमाफिया काबिज हो गए। तहसील प्रशासन ने जमीनों को खाली कराने का प्रयास किया तो वबाल करने लगे। प्रशासन ने इनके विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराए।
एत्माउद्दौला में 15 मुकदमों में 58 लोग नामजद हैं। इनके कब्जे में 13.848 हेक्टेयर जमीन है। इनसे जमीन खाली कराने और सरकारी संपत्ति की क्षतिपूर्ति के लिए डीएम के आदेश पर तहसील स्तरीय एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स ने सूची बनाई है। टास्क फोर्स ने सभी को भूमाफिया घोषित करने पर सहमति जताते हुए अग्रिम कार्रवाई के लिए फाइल डीएम को भेजी है।
चक हफ्तम के गाटा 830 व 831 में 12 भूमाफिया ने 3.13 हेक्टेयर जमीन कब्जा ली। कीमत करीब 25 करोड़ है। कछपुरा में गाटा 853 व 854 में दो भूमाफिया ने 7.37 करोड़ लागत की 9220 वर्ग मीटर जमीन बेच दी। यहीं गाटा 555 में 3.22 करोड़ की 4030 वर्ग मीटर जमीन बेची गई। इस तरह 58 भूमाफिया ने कुल 115.85 करोड़ रुपये की संपत्तियां खुदबुर्द कर दी हैं।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एम अरुन्मोली ने कहा जो 58 भूमाफिया चिह्नित किए हैं उनके विरुद्ध चल रहे मुकदमों में पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल कर दिए हैं। जिला स्तरीय टास्क फोर्स में भूमाफिया घोषित होने के बाद इनके विरुद्ध कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स ने चक हफ्तम में जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है। स्वयं भूमाफिया, उसकी पत्नी व बच्चे कोई भूमि खरीद या बेच नहीं सकता।
जहां कब्जे हैं उन जमीनों को खाली कराया जाएगा। जिन्होंने जमीनें बेची हैं उनकी संपत्तियां जब्त होंगी। जिला स्तरीय बैठक में निर्णय लिया जाएगा। – प्रभु एन सिंह, जिला मजिस्ट्रेट
