रायपुर। महाराष्ट्र के कथित ‘बिटकॉइन घोटाला’ मामले में करीब 24 घंटे की पूछताछ और जांच के बाद ईडी के अफसर फॉरेन ट्रेडिंग कारोबारी गौरव मेहता के आम्रपाली सोसायटी स्थित घर से गुरुवार दोपहर निकले। वे अपने साथ लाल और सफेद कपड़ों में बंधे लैपटॉप, प्रिंटर, और अन्य दस्तावेज ले गए हैं। बुधवार दोपहर से ईडी के करीब 8 से अधिक महिला-पुरूष अधिकारियों का दल गौरव के घर दबिश दिए हुए थे। ईडी टीम के निकलते ही कल से ही वेटिंग में वहां मौजूद सीबीआई के अफसर गौरव के घर जा पहुंचे। समझा जा रहा है कि पूछताछ के बाद गौरव को सीबीआई अपने कब्जे में ले सकती है। इससे पहले सुबह मीडिया से ईडी के अफसरों ने केवल इतना कहा कि पूछताछ और जांच जारी है। दोनों मेहता भाई आम्रपाली सोसाइटी स्थित घर पर ही हैं। समय समय पर जांच से अपडेट किया जाएगा।
अब तक की जांच में फार्म ट्रेडिंग के कारोबारी गौरव मेहता की 6 और कंपनियों का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि गौरव ने साल 2016 में कैटेक्स, ब्लॉक चेन इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई थी, जिसमें गौरव मेहता समेत भाई अक्षय मेहता और उनके दोस्त डायरेक्टर हैं। सभी लोग कोलकाता में स्पंज आयरन और मुंबई की ब्रोकरेज कंपनी समेत 6 कंपनियों के डायरेक्टर हैं। बताया जा रहा है कि गौरव मेहता एक कंसल्टेंसी के लिए काम करते हैं, जो पुणे पुलिस को अमित भारद्वाज के 6600 करोड़ के क्रिप्टोकरेंसी घोटाले की जांच में मदद कर रही थी। पूर्व आईपीएस रवींद्रनाथ पाटिल ने पिछले दिनों दावा किया था कि गौरव मेहता से कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले और नाना पटोले ने संपर्क किया था और चुनाव में उपयोग के लिए धनराशि गौरव के जरिए बिटकॉइन घोटाले से पहुंचाई गई है।
