आगरा- आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में हुई महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने गुरुवार को उसके प्रेमी सहित चार आरोपियों को जेल भेज दिया। इससे पूर्व पूछताछ में आरोपी प्रेमी ने कई राज उगले। उसने अपने पिता, भाई और उसके साले के साथ मिलकर महिला की हत्या की थी। फावड़े से गर्दन काटने के बाद शव को दरी में लपेट लिया था। इसके बाद बाइक से नहर में फेंक आए थे। इस वारदात को महिला की 12 वर्षीय बेटी के सामने अंजाम दिया था। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने शादीशुदा प्रेमिका की हत्या बेवफाई के शक में की।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि किरावली के इकराम नगर निवासी मंजू (38) की शादी रनवीर से हुई थी। रनवीर मथुरा के थाना बल्देव के नगला अर्जुन में रहते हैं। मंजू की चार बेटियां हैं। पांच अक्तूबर 2019 को अपनी चार बेटियों के साथ आगरा आई थी। इसके बाद गांव सहता, अछनेरा निवासी अपने प्रेमी उमेश के साथ रहने लगी थी। बड़ी बेटी की शादी कर दी थी। उमेश उसे मघटई गांव में किराये के मकान में रख रहा था।
17 सितंबर को मंजू की हत्या करके शव को नहर में फेंक दिया गया था। चार दिन पहले बेटी ने पिता रनवीर के पास पहुंचकर घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई। तब नहर के पास से मृतका के बाल, कुछ हड्डियां बरामद की गईं थीं।
एसएसपी ने बताया कि मंजू की हत्या उमेश ने अपने भाई राधेश्याम और उसके साले टिंकू के साथ मिलकर की थी। इस दौरान उमेश के पिता फाल सिंह भी मौजूद थे। वह बाहर गेट पर खड़े थे। उमेश भाई के साथ शव को बाइक पर रखकर फेंकने ले गया था। यह सब बेटी गिरजा के सामने हुआ था। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है।
हत्याकांड के बाद उमेश मंजू की नाबालिग बेटी को गांव ले गया था। उसे डरा दिया था कि घटना के बारे में किसी को बताया तो उसकी भी हत्या कर देंगे। इस कारण वह चुप रही। उसने किसी को नहीं बताया। उमेश को यह अहसास कराया कि वह मां के बारे में भूल गई है।
उमेश कुछ दिन पहले मंजू की बड़ी बेटी की ससुराल चिकसाना, भरतरपुर (राजस्थान) गया। नाबालिग बहन ने बड़ी बहन के पास कुछ दिन और रुकने का बहाना बनाया। उमेश उसे छोड़ आया। इसके बाद बड़ी बेटी ने अपने पिता रनवीर से संपर्क करके उन्हें मां मंजू की हत्या होने की जानकारी दी। तब रनवीर ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद हत्याकांड का खुलासा हुआ।
