खैरागढ़ । मौहाढार में मवेशियों को डंडे से पीटते हुए ले जा रहे जिसकी सूचना पुलिस को दी गई पुलिस मौके पर पहुंची तो दो लोग पुलिस गाड़ी को देखकर भाग गए। एक व्यक्ति को घेराबंदी कर पकड़ा गया। जिसका नाम पता पूछने पर अपना नाम शिव नंदन साहू पिता स्व.खेदू राम साहू उम्र 55 साल साकिन मुढ़ीपार थाना गातापार का रहने वाला बताया। जो ग्राम मुढ़ीपार सें मवेशियों को कटेमा की ओर पुनीत टेकाम के दैहान में ले जाना बताया।
शिव नंदन साहू को भागने वाले व्यक्ति का नाम पर पूछने पर पुनीत टेकाम के बेटे राजेश टेकाम, सुंदर टेकाम निवासी मौहाढार का होना बताया गया। आरोपी नंदन साहू के पास से गाय 55 नग कीमत 150000 रुपए, बछिया 45 नग कीमत 60000 रुपए, बछड़ा 30 नग कीमत 30000 रुपए कुल 130 मवेशियों की गवाहों के समक्ष जप्ती पत्रक बनाकर पुलिस कब्जे में लिया गया। आरोपीगण राजेश टेकाम व सुंदर टेकाम का मेमोरेण्डम कथन लिया गया जिन्होंने अपने कथन में उक्त मवेशी को गौ तस्कर सबर अली के साथ मिलकर तस्करी करना बताया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सबर अली को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार कर पूछताछ करने पर बताया कि उक्त मवेशियों को पानगांव निवासी मनोहर मनघटे को महाराष्ट्र ले जाकर बेच देता है। विवेचना पर प्रकरण में ग्राम पंचायत मुढ़ीपार के सरपंच घनश्याम सिन्हा को आरोपियों को मवेशी उपलब्ध कराने में संलिप्तता पाए जाने पर सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को मनोहर भोजराम मनघटे पिता भोजराज मनघटे उम्र 25 साल निवासी वार्ड नंबर 3 पानगांव पोस्ट पाउलदौना थाना साल्हेकसा जिला गोंदिया (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया गया है।
सरपंच को गिरफ्तारी के बाद मुचलके में छोड़ा गया अब तक उक्त प्रकरण में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी किया गया था जिसमें से 9 आरोपी जेल में वहीं मुढीपार सरपंच घनश्याम सिन्हा को प्रकरण दर्ज कर मुचलके में छोड़ा गया। मुढ़ीपार सरपंच घनश्याम ने इसे राजनीति से प्रेरित होकर कार्यवाही का आरोप लगा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव से सभी लोग मीटिंग कर लावारिश मवेशी को मौहाढ़ार चरवाहा पुनीत टेकाम के पास छोड़ने जा रहे थे। मुझे तस्करी के संबंध मे कोई जानकारी नहीं। मैं सिर्फ पुनीत टेकाम को ही जानता हूं बाकी किसी को नहीं जानता।
