बिलासपुर| आर्य समाज की बहतराई इकाई के द्वारा घर-घर यज्ञ अभियान के तहत विनोबा में आयोजन कराया गया। आर्य अमित जगवानी के घर यज्ञ कराने के बाद सत्संग हुआ। इसमंे आचार्य जयदेव शास्त्री ने गोवर्धन पूजा व भाई दूज जैसे अन्य पर्व के महत्व और उसे मनाने की वजह बताई। उन्होंने कहा कि वेदों को नहीं पढ़ने के कारण सनातन समाज की नई पीढ़ी को पर्व, त्योहार मनाने की वजह और उसकी महत्ता की जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में गोबर की पूजा को गोवर्धन पूजा समझते हैं। गोवर्धन का वास्तविक अर्थ है गो वंश, वर्धन का संवर्धन करना। गोवंश का संवर्धन अर्थात् गाय की रक्षा करना,पालन करना और उनसे उपयोग लेना गोवर्धन कहलाता हैे। भाई-बहन परस्पर द्वेष ना करें और कल्याणकारी वाणी बोले इसलिए भाई दूज मनाया जाता है। इस दौरान आर्य समाज के मंत्री बसंत देवांगन, अरविंद गर्ग, हीरा चंद्रा, आदित्य गुप्ता, सुनील आहूजा, सूर्यकांत शर्मा, सूरज वस्त्रकार, दुखभंजन जायसवाल आदि मौजूद रहे।
