रायपुर के आकाशवाणी स्थित मां काली मंदिर में शहर का गाड़ी पूजा वाला मंदिर के नाम से भी प्रसिद्ध है। धन तेरस के दिन सुबह से लेकर रात तक यहां 558 गाडियों की पूजा की गई । मंदिर में सुबह से ही लोग नई बाइक और कार लेकर मंदिर पहुंचे और पूजा करवाई।
मंदिर के पुजारी ने बताया कि दोपहर तक 4 पंडित मंदिर में गाडियों की पूजा के लिए लगाए गए थे। लेकिन गाड़ियों की भीड़ बढ़ती देखते हुए 6 पंडितों की लगाया और और रात 12 बजे तक मंदिर में लोग नई गाड़ियों की पूजा के लिए पहुंचते रहे।

इसलिए लोग आते है पूजा करने
मंदिर के पुजारी सुबोध मिश्रा ने बताया कि सुबह 6:30 से मंदिर पट खुला है और 7 से गाड़ियों की आने की शुरुआत। दोपहर 12 से 2 बजे तक तो चार पंडित गाड़ियों की पूजा कर रहे थे । लेकिन दो-तीन बजे के बाद जो गाड़ियों के आने का सिलसिला बड़ा 6 पंडित लगातार पूजा में लगे रहे। कुल 558 नई गाड़ियों की पूजा की गई।
पुजारी ने बताया कि लोगों ने ऐसी धारणा बना ली है लोग गाड़ियों को काली का स्वरूप मानने लगे हैं । इसलिए काली मंदिर में ही पूजा करवाने के लिए लोग आते हैं। आकाशवाणी का स्थित मां काली बेहद प्राचीन है और मां काली जी का स्वरूप 10 विद्याओं में सबसे उपर माना जाता है। ऐसे मान्यता है कि में किसी भी विपदा में मां काली रक्षा करती है। इसलिए लोग नई गाडी लेने के बाद पूजा कराने आते है।

धनतेरस में मां काली मंदिर में 558 नई गाड़ियों की पूजा हुई।
रोजाना 10 गाड़ियों की होती है पूजा
मंदिर के पुजारी ने बताया रायपुर के अलाव आस पास के जिलों से लोग यहां गाड़ियों की पूजा करवाने आते है। वही रोजाना 8 से 10 गाड़ियों की पूजा होती है। इसलिए लोग काली मंदिर के साथ भी इसे गाड़ी पूजा वाला मंदिर कहते है।
एक ही दिन में 23 हजार गाड़ियों बिक्री
धन तेरस के दिन ऑटोमोबाइल सेक्टर में जमकर व्यापार हुआ। प्रदेश में कुल 23 हजार गाड़ियों की बिक्री हुई। प्रदेश के अलग अलग शो रुम से 20 हजार बाइक और 3 हजार कार की बिक्री हुई। रायपुर ऑटोमोबाईल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक गर्ग ने बताया कि धन तेरस में पिछले साल अधिक बिक्री हुई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक ने बताया कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा स्टेट है जहां ऑटोमोबाइल सेक्टर 30 से 35 प्रतिशत तक ग्रोथ में है। इस फेस्टिवल सीजन में सारे रिकार्ड टूटने वाले है। 1 लाख गाड़ी से ज्यादा बिकने के का लक्ष्य है।
सराफा में देर रात तक खरीदी
धनतेरस में सोना-चांदी खरीदी का विशेष महत्व है। सभी वर्ग के लोग अपनी क्षमता के अनुसार इस दिन कुछ ना कुछ खरीदते हैं। दोपहर बाद रायपुर के सराफा बाजार में भीड़ उमड़ गई। कारोबारियों का कहना है कि सराफा मार्केट में जमकर व्यापार हुआ।
पिछले धनतेरस से दोगुनी रजिस्ट्री
इस धनतेरस रियल एस्टेट में भी अच्छा कारोबार हुआ। पिछले साल 3 करोड़ 93 लाख की रजिस्ट्री हुई थी। इस साल ये आंकड़ा 7 करोड़ के पार चला गया। धनतेरस पर रजिस्ट्री के लिए एक दिन पहले ही एपाइंटमेंट जारी कर दिए गए थे। मंगलवार को सुबह 11 बजे रजिस्ट्री दफ्तर खुलते ही प्रक्रिया शुरू हो गई। देर रात तक रजिस्ट्री की प्रक्रिया चलती है। इस साल 415 प्रापर्टी का पंजीयन हुआ है।
