राजनांदगांव में भाजपा का सदस्यता अभियान अपेक्षाकृत धीमा चल रहा है। संगठन की रुचि और सक्रियता की कमी के चलते स्थानीय स्तर पर सदस्य बनाने में लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य से भाजपा पीछे रह गई है, जिससे पार्टी के नेताओं में चिंता का माहौल है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि उचित प्रचार और संचार के अभाव में नये सदस्यों को जोड़ना मुश्किल हो रहा है।
भाजपा नेतृत्व को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि अभियान की गति को बढ़ाया जा सके और संगठन को मजबूत किया जा सके।
सूत्रों की माने तो प्रदेश में सबसे कम सदस्य राजनांदगांव जिले में बने है जिन्हें प्रभार दिया गया है एवं संगठन के बडे बडे नेता एसी में बैठकर कुर्सी तोड़ रहे है??
जबकि 15 साल राजनांदगांव में ये ही नेता मलाई खाये सदस्यता अभियान में इनमें गर्मी नही आ रही है जबकि अनेक ग्रामीण इलाकों एवं शहरी क्षेत्र में सदस्य बनने आम जनता में खुशी है बस नेताओं का इतजार कर रही है।
