दन्तेवाड़ा- कलेक्टर दीपक सोनी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अश्वनी देवांगन के मार्गदर्शन में गांव ओर शहर के बच्चों के बीच डिजिटल लर्निंग का अंतर खत्म करने दन्तेवाड़ा में एक बड़ी शुरूआत की गयी है। पढ़ाई के लिए अब दन्तेवाड़ा के अंदरूनी गांवों के बच्चों को नेटवर्क, डाटा की जरूरत नहीं पड़ रही है। जिला प्रशासन ने इन झंझटों से मुक्ति देने नॉलेज सर्वर ’’ज्ञान गंगा’’ तैयार कर इसे लांच किया है।इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि मोबाईल पर नेटवर्क नहीं होने पर भी वाईफाई जोन एरिया में जाते ही पूरा स्टडी मटेरियल, ग्रामीणों को कृषि, स्वास्थ्य, आजीविका से लेकर इंटरनेट की तमाम जानकारियां एक क्लिक में मिलने लगती है। राज्य में दन्तेवाड़ा प्रदेश का पहला ऐसा जिला है,जिसमें धुर नक्सल प्रभावित गांव भी सम्मिलित है जहां ये सुविधा प्रदान की गई है। जोन में आकर बच्चे पढ़ रहें है। कई जगह तो इसके जरिए पढ़ाई ने रफ्तार भी पकड़ ली है।
बताया जा रहा है, जल्द ही हल्बी और गोंडी के कंटेंट शामिल करने की तैयारी है। कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने बताया कि इस नॉलेज सर्वर का फायदा सिर्फ बच्चों को ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों को भी मिल रहा है, इसे समय-समय पर अपडेट भी किया जावेगा।इसके माध्यम से ऑॅफलाईन रहकर भी जानकारी ली जा सकती है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पढ़ई तुंहर दुआर, मोहल्ला क्लास कार्यक्रम चलाया जा रहा है, परन्तु दन्तेवाड़ा जिले के अंदरूनी क्षेत्र में नेटवर्क की कमी एवं बच्चों के पास मोबाईल न होने के कारण इसका लाभ बच्चों नही मिल पा रहा था। जिसके कारण इस समस्या को हल करने के लिए मात्र 15 दिन के अन्दर के अन्दर नॉलेज सर्वर ’’ज्ञान गंगा’’ को अपडेट कर चयनित गांवों में लगाया गया है।
’’ज्ञान गंगा’’ सर्वर में आस-पास के 100 से 200 मीटर की परिधि में वाईफाई जोन बनाता है, जिससे टेबलेट, लैपटॉप, मोबाईल में कनेक्ट करते ही ’’ज्ञान गंगा’’ का लिंक खुल जाता हैं। इसमें कक्षा 1 से 10वी तक पढ़ाई हेतु दीक्षा कंटेंट को डाला गया है, जिससे वीडियो के जरिये बच्चें अपने कक्षा एवं विषयवार पढ़ाई करते है। पढ़ई तुंहर दुआर के वीडियो इस सर्वर में अपलोड कर कक्षा 12 वीं तक के बच्चों को अध्ययन करने हेतु सुविधा प्रदान की गई है। सभी ’’ज्ञान गंगा’’ नॉलेज सर्वर में केन्द्र प्रभारी के मांग के अनुसार बच्चों को अध्यापन कार्य करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा लैपटॉप भी प्रदाय किया जा रहा है। हाल ही में पढ़ई तुहर दुआर एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को अवलोकन हेतुप्रमुख सचिव द्वारा ज्ञान गंगा सर्वर की सराहना भी की गई। उनके निर्देशानुसार सी.जी.स्कूल डाट इन पोर्टल को भी ज्ञान गंगा सर्वर में अपडेट किया जायेगा जिससे बच्चों को पढ़ाई में बहुत अच्छा लाभ मिलेगा। कोविड -19 के कारण शालायें बंद है, इस स्थिति में ’’ज्ञान गंगा’’ सर्वर बच्चों के गुणवत्तायुक्त पढ़ाई एवं शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु वरदान साबित हो रहा है।
