राजनांदगांव गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद 26 जून से जिलेभर के स्कूल खुल जाएंगे और नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होगी। लेकिन अधूरी तैयारियों के बीच स्कूलों में शाला प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा। स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष एवं मरम्मत की स्वीकृति मिलने के बाद भी स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण अधूरा है और न ही मरम्मत हो सकी। पुराने और जर्जर स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई करनी पड़ेगी। बारिश हुई तो छुट्टी देनी पड़ेगी। प्राइमरी से लेकर मिडिल के अलावा हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है।
तीनों जिले में स्कूलों की हालत खराब है। राजनांदगांव जिले में करीब 424 स्कूलों की मरम्मत कराने की स्वीकृति मिली थी। जिसमें 265 स्कूलों का काम पूरा हो सका, वहीं 150 स्कूलों का काम प्रगति पर है लगभग 9 स्कूलों की मरम्मत का शुरू नहीं हो सकी।
नए जिले एमएमसी के स्कूलों की हालत ज्यादा खराब है। औंधी, अलकन्हार में प्राथमिक शाला की हालत खराब होने के कारण सांस्कृतिक मंच में पढ़ाई होगी। बारिश होने पर अवकाश देना पड़ेगा। तीनों जिलों की बात करें तो सरकारी स्कूलों की संख्या जिसमें प्राथमिक शाला 1842, माध्यमिक शाला 787, हाई स्कूल 129 और हायर सेकंडरी स्कूलों की कुल संख्या 201 है। डीईओ अभय जायसवाल ने कहा माहभर में बहुत से काम हो जाएंगे जहां मरम्मत, निर्माण पूरा नहीं हो सका वहां पहले से कक्ष की व्यवस्था है।
150 विद्यालयों में मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा राजनांदगांव जिले के 150 स्कूलों में मरम्मत और निर्माण जारी है जिसे पूरा होने में एक माह लेगा। 9 स्कूलों की मरम्मत का कार्य छोटा होने के कारण ठेकेदार रूचि नहीं दिखा रहे हैं।
केसीजी में करीब 136 काम अधूरे पड़े हैं। यहां 281 स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, मरम्मत कराने 25 करोड़ की स्वीकृति के बाद मरम्मत नहीं हो सकी। यहां 149 स्कूलों में मरम्मत एवं 132 में कक्ष निर्माण करना था। एमएमसी जिले में 346 में 129 की मरम्मत हो चुकी है। वहीं 55 प्रगतीरत, 140 में काम शुरू नहीं हुआ और 22 निरस्त हो चुके हैं।
