राजनांदगांव() जिले में अवैध शराब को लेकर लगातर कार्यवाही की जा रही है पुलिस विभाग कार्यवाही के मामले में आबकारी विभाग को भी पीछे छोड़ दिया है। लगातर आबकारी पर भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में भी ओवर रेटिंग को लेकर आवाजे उठ रही है। निश्चित रूप से विभाग प्रमुख को अपने विभाग के दियित्वों के ईमानदारी से निर्वहन की महत्ती जुम्मेदारी रहती है, पर दिनांक 24.05.2024
जिले में पदस्थ आबकारी उपनिरीक्षक श्रीमती तुलेश्वरी देवांगन के नाम सोशल मिडिया में वायरल समाचार को संज्ञान में लेकर विभाग प्रमुख ने महिला अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने की कार्यवाही अत्यंत ही जल्द बाजी मे या यू कहे घबराहट मे लिया गया फ़ैसला प्रतीत होता है, मात्र वायरल समाचार की सत्यता की जांच और लगाए गए आरोपों की सूक्ष्म जॉच करने की बजाय महिला अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जाना जॉच की नियत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर जब एक अधिकारी को जॉच का जिम्मा सौप दिया गया है ऐसे मे जॉच प्रतिवेदन प्रस्तुत होने के पहले ही आरोप पुख्ता मान लिया गया है और बाकायदा कारण बताओ नोटिस भी महिला अधिकारी को थमा दिया गया है। जब वरिष्ठ सहायक जिला आबकारी अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर जांच कर जांच प्रतिवेदन कार्यालय में प्रस्तुत करना ही है तो उक्त जांच पूर्ण होने के पहले ही बतौर सजा कार्य से पृथक कर कर जिले में पदस्थ श्रीमती तुलेश्वरी देवांगन, को आबकारी उपनिरीक्षक के प्रभार से बिना जॉच प्रतिवेदन आए ही सहायक जिला आबकारी अधिकारी को चार्ज दिया जाना अत्यन्त ही जल्दबाजी का निर्णय लिया जाना प्रशासनिक समझ की कमी की ओर इशारा करता है। यह अलग बात है की पूर्व मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र और उपमुख्यमंत्री का प्रभार जिले मे अधिकारियो पर दबाव होना स्वाभाविक है पर क्या महिला अधिकारी को जॉच के पहले ही दोषी ठहराया जाना कितना वाजिब है यह सवाल निश्चित रूप से अत्यंत ही संवेदनशील जिले मे अपना जवाब तो मांगेगा।।
