रायपुर-कोरोना के दौर में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए प्रदेश के बलरामपुर जिले के विकासखण्ड राजपुर के गांव सिधमा में गांव के ही तीन युवाओं ने मोहल्ला क्लास शुरू कर बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई है। यह युवा निःस्वार्थ भाव से 150 से अधिक बच्चों को शिक्षित कर रहें हैं। इसमें एलकेजी से लेकर कक्षा दसवीं तक के बच्चे शामिल हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वैश्विक महामारी कोरोना काल के विषम दौर में बच्चों को सतत् शिक्षा से जोड़ने के लिए पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के तहत घर में ही ऑनलाईन पढ़ाई की शुरूआत की गई। दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क की सुविधा न होने और पालकों के पास एन्ड्राईड मोबाईल उपलब्ध नहीं होने के कारण यह माध्यम कारगर नहीं हो पा रहा है। इन क्षेत्रों को बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए पढ़ई तुंहर पारा के तहत मोहल्ला क्लास शुरू की गई, जो सार्थक साबित हो रही है। ग्राम सिधमा संकुल के सभी बच्चों को पढ़ाई तुंहर पारा के तहत ऑनलाईन और प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक कक्षा के बच्चों को मोहल्ला क्लास के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है।
ऑनलाईन क्लास को और सुविधाजनक बनाने के लिए बुल्टू के बोल जैसे एप्लीकेशन भी शिक्षकों द्वारा डाउनलोड किया जा रहा है। संकुल के अंतर्गत आने वाली पंचायतों में पढ़ई तुंहर पारा के तहत मोहल्ला क्लास शुरू की गई है। इस संबंध में पूर्व माध्यमिक शाला सिधमा के शिक्षक श्री ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि पढ़ई तुंहर के अंतर्गत मोहल्ले के बच्चों को मोहल्ले में, मोहल्ले के समुदाय द्वारा निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। मोहल्ला क्लास के अंतर्गत सात अवधारणाएं – सामुदायिक सहभागिता, बहुकक्षा बहुस्तरीय शिक्षण एवं पीयर लर्निंग, गतिविधि आधारित शिक्षण, वर्कशीट और आंकलन के उपकरण, स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों द्वारा विद्यालयीन पाठ्यक्रम का निर्माण और समुदाय के साथ अंतःक्रिया शामिल हैं।
