कटक
ओडिशा कोर्ट ने दो ऐसे लोगों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया है जो पिछले 32 वर्षों से इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। जज ने फैसला सुनाते समय मुकदमों के त्वरित निपटारे पर जोर देते हुए उसे नागरिकों का मौलिक अधिकार बताया। अदालत ने कहा कि अपील के दौरान गुजरे बरसों को कोई भी वापस नहीं लौटा सकता। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसा दोबारा न हो।
ओडिशा के ढेंकनाल जिले के कामाख्यानगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले डिघी इलाके में 18 फरवरी 1986 को एक घटना हुई थी। इसमें नित्यानंद बेहरा और मधाबा बेहरा को जामुन के एक पेड़ के कारण हुई लड़ाई में हत्या का आरोपी बनाया गया था। ट्रायल कोट ने उन्हें 21 जुलाई 1988 को दोषी ठहरा दिया था।
