स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत जल्द ही बिलासपुर शहर के 70 वार्डों को शामिल कर लिया जाएगा। इससे सभी वार्डों में बिजली, पानी, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के अलावा विकास के लिए ज्यादा फंड मिलेगा। फिलहाल 14 वार्डों में ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत काम चल रहे हैं। टियर टू में शामिल करने की स्थिति में आउटर के वार्डों, खासकर निगम में शामिल 18 पंचायतों में भी तेजी से विकास के काम होंगे।
टियर-टू के लिए छत्तीसगढ़ से एकमात्र बिलासपुर शहर का चयन किया गया है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के 120 करोड़ के प्रोजेक्ट के प्रेजेंटेशन से बिलासपुर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। स्मार्ट सिटी 2.0 में शामिल होने पर विकास कार्यों के लिए केंद्र से फंड भी अधिक मिलेगा। शहर की तरह आउटर में मल्टीलेवल पार्किंग, चार्जिंग पॉइंट, युवाओं के लिए लाइब्रेरी बनाए जाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार होगा। पहले चरण में रायपुर, नया रायपुर और बिलासपुर को चुना गया था।
इसके अंतर्गत बिलासपुर में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में नगर निगम के 14 वार्डों के 1043 एकड़ क्षेत्र में विकास व निर्माण के कार्य कराए जा रहे हैं। अब पूरे 70 वार्ड एबीडी एरिया के दायरे में आ जाएंगे। अभी स्मार्ट सिटी 2.0 की दौड़ में 36 शहरों में शामिल है। इसमें 18 शहरों का चयन होना है। कचरे से बायो गैस और आरडीएफ तैयार करने की योजना का दिल्ली में प्रेजेंटशन देने वाला बिलासपुर छत्तीसगढ़ राज्य का अकेला स्मार्ट शहर है। स्मार्ट सिटी ने दिल्ली में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर 120 करोड़ की योजना का खाका पेश किया था।
पहले चरण में पिछड़ा रायपुर व नया रायपुर
दिल्ली में पहले चरण के प्रेजेंटेशन में 100 स्मार्ट शहर शामिल हुए थे। इसमें बिलासपुर के साथ रायपुर व नया रायपुर भी शामिल था। प्रेजेंटेशन के आधार पर 36 शहरों का चयन किया गया। इनमें सिर्फ बिलासपुर को बुलाया गया। बिलासपुर संभवत: प्रदेश का पहला शहरी निकाय है, जिसने सालभर पहले ही कछार स्थित कचरा निबटान संयंत्र की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन शुरू किया। सोलर प्लांट से करीब 100 किलोवाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे बिजली बिल में 50 फीसदी की बचत हो रही है। इसका फायदा बिलासपुर को मिला। 2.0 में शामिल करने पूर्व कमिश्नर कुणाल दुदावत ने भी प्रयास किए थे।
दायरा बढ़ने से काम भी बढ़ेगा
अभी स्मार्ट सिटी का दायरा सीमित है, लेकिन 2.0 में शामिल होने के बाद दायरा बढ़ेगा। इससे काम भी बढ़ेगा और आउटर के वार्डों में इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट के काम होंगे। निगम के सभी 70 वार्ड शामिल होंगे, जिससे दायरा 130 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तक विस्तारित होगा।
खासतौर निगम में विगत वर्षों में शामिल 18 पंचायत क्षेत्रों को विशेष फायदा होगा। साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत इन वार्डों में भी बेहतर सफाई हो सकेगी। स्मार्ट सिटी के पहले चरण के सारे कार्य 30 जून 2024 तक पूर्ण करने के निर्देश स्मार्ट सिटी मिशन नई दिल्ली ने दिए हैं। केंद्र सरकार ने साफतौर पर कहा है कि यदि डेडलाइन तक सभी प्रोजेक्ट पूरे नहीं होते हैं, तो राज्यों को अपने स्तर पर पूरा करना होगा।
हमारा दावा मजबूत
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में प्रेजेंटेशन दिया गया है। इसके लिए देश के 36 स्मार्ट शहरों को बुलाया गया था, जिसमें छत्तीसगढ़ से बिलासपुर का चयन किया गया है। अब स्मार्ट सिटी 2.0 के लिए 18 शहरों का चयन होगा।
