छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन में प्रश्नकाल के दौरान तेलीबांधा से VIP रोड सौंदर्यीकरण में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा। जिस पर PWD मंत्री अरुण साव ने संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में समिति बनाकर जांच की घोषणा सदन में की है।
तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने जल जीवन मिशन पर ठोस जवाब मांगा जिस पर स्पीकर ने चुटकी लेते हुए कहा कि जल तरल होता है और कितना ठोस जवाब चाहिए। वहीं, शून्यकाल में हसदेव अरण्य का मुद्दा भी उठा। कांग्रेस ने इस पर बीजेपी को घेरते हुए सवाल उठाया कि सीएम बनने से पहले ही मशीनरी ने पेड़ों की कटाई शुरू कर दी थी।
अजय चंद्राकर ने तेलीबांधा से VIP रोड तक सौंदर्यीकरण में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया।
देश में पहली बार जादू से सड़क बन गई
2 करोड़ रुपए के अवैध टेंडर के मामले को बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में उठाया। उन्होंने कहा- देश में पहली बार जादू से सड़क बन गई। इस सड़क से मुख्यमंत्री की, नेताओं की, अफ़सरों की गाड़ियां चलती हैं। वह कौन सा आदमी है, जिसके जादू के प्रभाव में इधर-उधर सभी है। अजय चंद्राकर ने पूछा- नेशनल हाईवे पर रोड बना रहे थे। इससे पहले क्या अनुमति ली गई थी।
अफसरों ने जायजा लिया था, काम को निरस्त किया गया
इस पर PWD मंत्री अरुण साव ने कहा कि 13 जून 2022 को नगर निगम ने NHAI को पत्र लिखा था।NHAI के जवाब के बाद अफसरों की टीम ने मौके का जाया भी लिया था। काम कौन कर रहा है, ये पता नहीं चला लिहाजा, काम को निरस्त कर दिया गया। नगर निगम के अनटाइड फंड से इसका निर्माण किया जा रहा था।
समिति बनाकर की जाएगी मामले की जांच
मंत्री अरुण साव ने सदन में संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति बनाकर जांच कराने और गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की। जिसके बाद अजय चंद्राकर ने कहा कि दो करोड़ के टेंडर को 10 टुकड़ों में किया था। जांच समिति में रायपुर शहर के विधायकों को भी शामिल किया जाए।

विधानसभा अध्यक्ष ने धर्मजीत सिंह के सवाल पर टिप्पणी की।
जल तरल होता है, कितना ठोस जवाब चाहिए
तखतपुर से बीजेपी विधायक धर्मजीत सिंह ने सदन में जल जीवन मिशन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का पूरा काम नहीं हो पा रहा है और गड्ढा खुदा हुआ है। कहीं पूरा काम नहीं हो रहा है। इस पर ठोस जवाब चाहिए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि जल तरल होता है, आपको कितना ठोस जवाब चाहिए।
इस पर धर्मजीत सिंह ने कहा- आश्वासन ठोस होना चाहिए, क्योंकि पानी के समान दिया आश्वासन बह जाता है और निकल जाता है। तखपुर की विधायक ने दावा किया है कि पिछले 5 सालों में विकास की गंगा बही है, मैं गंगा खोजने आया हूं, लेकिन गंगा का अता-पता नहीं है।
लता उसेंडी ने भी उठाया जल-जीवन-मिशन का मुद्दा
बीजेपी विधायक लता उसेंडी ने भी प्रश्नकाल के दौरान सदन में जल जीवन मिशन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में काम पूरा होना बताया जा रहा है, वहां काम अधूरा है, उन पर कार्रवाई करेंगे क्या? इस पर मंत्री अरुण साव ने कहा कि गांव की जानकारी दें, काम शुरू करेंगे।

सदन में पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव के विभाग से संबधित सवाल किए गए।
PWD मंत्री ने माना निर्माण में अनियमितता हुई
उप मुख्यमंत्री और PWD मंत्री अरुण साव ने कहा कि ये सही है कि अव्यवस्था थी। कई जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिए थे, लेकिन मैं आश्वस्त करता हूं कि जिस बड़े उद्देश्य को लेकर ये योजना बनाई गई है, उसमें जल्दी काम हो, गुणवत्तापूर्ण काम हो, सरकार ये सुनिश्चित करेगी।
मरवाही में वन अधिकारियों की नियुक्ति पर सवाल
विधायक धर्मजीत सिंह ने मरवाही वन मंडल में अधिकारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मरवाही इकलौता वन मंडल था, जहां रेंजर-एसडीओ DFO के पद पर बैठे थे। ये इतना बड़ा मामला है कि जांच के लिये दुबई तक जाना होगा। ED की तरह जांच का दायरा बढ़ाना होगा।
इस पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा- ये पूरा मामला हमारे संज्ञान में आया है। सभी मामलों में जल्द से जल्द जांच पूरी कर कार्रवाई की जाएगी।
भारत माला परियोजना में पेड़ कटाई का मामला उठा
कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने भारत माला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम 6 लेन में पेड़ कटाई का मामला सदन में उठाया। उन्होंने पूछा कि इसके लिए कितने वृक्षों को काटा गया है? काटने की अनुमति कब और किससे ली गई ? कितने भूस्वामियों को मुआवजा दिया गया है।
सवाल का जवाब देते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इसके लिए 64 हजार 217 वृक्षों को काटा गया है। सिहावा विधानसभा के अंतर्गत 12 करोड़ 59 लाख 2147 रुपए का मुआवजा दिया गया है।
शून्यकाल में उठा हसदेव अरण्य का मामला
शून्यकाल में कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने हसदेव अरण्य का मुद्दा उठाया। उन्होंने हसदेव बांगो बांध का जिक्र करते हुए कहा की हसदेव अरण्य के नुकसान से इस बांध के अस्तित्व पर सवाल खड़ा हो जाएगा। जिसके बाद जीवन यापन मुश्किल हो जाएगा।
वहीं, विक्रम मंडावी ने इसे आदिवासी संस्कृति से जोड़ते हुए कहा की हमें लगा था की अगर आदिवासी मुख्यमंत्री बनते हैं तो उनके हक का ध्यान रखा जाएगा, पर यहां पर यह होता नहीं दिख रहा है। इस पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने क्षेत्र में सभी कोल ब्लॉक निरस्त करने की मांग उठाई। उन्होंने विधायक धर्मजीत की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ये आपका उठाया हुआ मुद्दा है, इस पर ध्यान दें।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बीजेपी से पूछा कि कौन सी अदृश्य शक्ति है जो ये सब काम करा रही है। चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री बनने से पहले ही वहां मशीनरी एक्टिव हो जाती हैं और पेड़ कटाई शुरू हो जाती हैं यह चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोल ब्लॉक निरस्त करने की बात सर्वसहमति से सदन में स्वीकृत की गई थी, इसके बाद यह होना अनुचित है।
