राजनांदगांव शिवनाथ नदी के किनारे कई गांव ऐसे हैं, जहां पर अवैध रूप से ईंट भट्टा संचालन होने की शिकायत सामने आ रही है। इसी तरह के मामले को लेकर राजनांदगांव ब्लाक के ग्राम भर्रेगांव के ग्रामीणों ने भी जिला प्रशासन से जनदर्शन में शिकायत की है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बेखौफ ईंट-भट्टा का संचालन किया जा रहा है। इसके लिए खनिज विभाग व पंचायत से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई है। इसी तरह भंवरमरा, मोहारा, सिंगदई, जंगलेसर, मोखला व अन्य गांवों में ईंट भट्टे का संचालन हो रहा है।
ग्रामीणों ने जनदर्शन में कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि भर्रेगांव में अवैध तरीके से ईंट-भट्टे का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अवैध रूप से चल रहे ईंट भट्टे में कीमती लकड़ी को जलाकर पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए राजस्व, जंगल की लकड़ी, नदी का पानी और मिट्टी की भी चोरी की जा रही है। इसके कारण लगातार भू जल स्तर गिरता जा रहा है। किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होने से अवैध ईंट भट्ठा संचालक का हौसला बुलंद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों ईंट भट्ठे का कारोबार बगैर विभागीय अनुमति व रायल्टी जमा किए धड़ल्ले से चल रहा है। इससे खनिज विभाग को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। ईंट भट्ठों पर न तो प्रशासनिक लगाम लग पा रहा है और न ही किसी तरह रॉयल्टी वसूली हो पा रही है।
तहसील क्षेत्र के अधिकतर गांवों में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। शासन-प्रशासन के नियम कायदे को ईंट भट्ठे के संचालकों ने ताक पर रख दिया है।







