राजनांदगांव नगर निगम में एल्डरमैन मद में कमीशन के फेर में बड़ा खेल होने का खुलासा हो रहा है। निगम द्वारा पहले तो मानव मंदिर चौक में त्रिशूल लगाने एल्डरमैन मद से बिना कोई टेंडर जारी किए मौखिक आदेश पर 20 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई थी। अब एक और खुलासा यह हुआ है कि इस मद से कमला कॉलेज चौक में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापित कर दी गई है।
वहीं शिवाजी पार्क में भी मूर्ति स्थापित कर सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपए खर्च कर दिए गए हैं। जबकि एल्डरमैन मद से जनहित के जरूरी कार्य कराने का ही प्रावधान है। पत्रिका ने पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि एल्डरमैन मद का दुरुपयोग किया गया है।
निगम प्रशासन ने कमला कॉलेज चौक में 8 लाख रुपए की लागत से स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापित की है। स्थापना के लिए फेडरेशन भी बनाया गया है। जबकि स्टीमेट में मौके पर सौंदर्यीकरण भी करना था, लेकिन फेडरेशन और मूर्ति में ही राशि फूंक दी गई है। सौंदर्यीकरण का काम ही नहीं हुआ है।
टेंडर बगैर चल रहा है पूरा काम
वहीं मानव मंदिर चौक में भी एल्डरमैन मद से 20 लाख रुपए में त्रिशूल खरीदी का ऑर्डर दिया गया था। इसमें भी कांस मेटल का स्टीमेट देकर लोहे और सीमेंट से त्रिशूल बनाने की जानकारी सामने आई है। स्टीमेंट में गड़बड़ी की जानकारी होने पर निगम आयुक्त ने त्रिशूल की कीमत कम कर 12 लाख में खरीदी करने का आदेश जारी किया है। ऐसे में सत्तापक्ष के हर काम में कमीशन का खेल होने का खुलासा हो रहा है।
एमआईसी में पास कराने का प्रावधान, नहीं लाया प्रस्ताव
एल्डरमैन मद का उपयोग गाइड लाइन से बाहर किसी काम में कराने के पहले एमआईसी में प्रस्ताव लाने या फिर राज्य शासन से स्वीकृति का नियम है, लेकिन निगम प्रशासन द्वारा मूर्ति खरीदी, स्थापना और पार्क के सौंदर्यीकरण कार्यों का एमआईसी में प्रस्ताव ही नहीं लाया गया है और न ही राज्य शासन से स्वीकृति ली गई है। ऐसे में सारे नियमों को ताक पर रखकर खेल खेला गया है।
