छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य औषधीय पादप बोर्ड रायपुर, वन विभाग तथा परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में लोक स्वास्थ्य परंपरा संवर्धन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत बिलासपुर में गिलोय, अडूसा, तुलसी, पिपली, अश्वगंधा, कालमेघ, गुड़मार, स्टीविया, सहजन, निर्गुणी, ब्राम्ही, घृत कुमारी, मंडूपपर्णी, आंवला तथा सतावर आदि के जीवन रक्षक औषधीय पौधों का वितरण किया जाएगा। वनमंडलाधिकारी बिलासपुर कुमार निशांत ने बताया कि इसका वितरण 13 तथा 14 अगस्त को सुबह 11 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक होगा। इन औषधीय पौधों को आसानी से घर के गमलों में लगाया जा सकता है।
