राजनांदगांव । राजनांदगांव के एसपी जितेंद्र शुक्ल का जल्दबाजी में किया गया स्थानांतरण कोई प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत नही बल्कि दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से किया गया है,जो कि अधिकारियों को हताश करने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण है।
जिला एसपी के स्थान्तरण की आलोचना करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष मधुसूदन यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भुपेश बघेल की सरकार इतनी पारखी और गुणी कब से हो गई कि मात्र 4 महीने में किसी एस पी के कार्यप्रणाली का आंकलन कर ले और उनका स्थान्तरण कर दे,ऐसा कौन सा गुणवत्ता मीटर का ईजाद कर लिया है कि वह 4 माह में किसी व्यक्ति के कार्यों का आंकलन कर ले,4 माह तो व्यक्ति को जिले के भौगोलिक और प्रशासनिक व्यस्था को ही समझने में लग जाते है और जब किसी की कार्य प्रणाली से शहर और जिले की जनता को सुकून और राहत मिल रही हो,कानून व्यवस्था बेहतर हो रही हो तो उन्हें हटाना किसी ईगो या जिद का ही परिणाम माना जा सकता है।
यादव ने कहा कि जिले के एसपी शुक्ला ने शहर में अपने अल्पावधि के कार्यकाल में गुमशुदा व्यक्तियों के तलाश में महत्वपूर्ण कार्य किये,जुए सट्टे पर लगाम कसा, अपराधों पर रोकथाम के कारगर इंतजाम किए और पूरे कोरोना काल मे शांति से जनता को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाया,ऐसे जिम्मेदार अधिकारी को हटाना राज्य सरकार की निरंकुशता और मनमानी को दर्शता है,एसपी का स्थानांतरण किसी जिद का परिणाम और तबादला उधोग के विकास की कहानी है, शुक्ल का स्थानांतरण पारदर्शी और स्वच्छ प्रशासनिक दृष्टिकोण के प्रतिकूल है यह कार्यवाही अधिकारियों को हतोत्साहित करने वाला है।
यादव ने कहा कि यद्यपि ट्रांसफर करना राज्य सरकार का विशेषाधिकार है किंतु बदनीयती और दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से किया गया स्थान्तरण पूरी तरीके से गलत एवम अनैतिक तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला होता है,वे शुक्ल के स्थानांतरण की आलोचना करते है।
