बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने तब्लीगी जमात के दिल्ली में निजामुद्दीन स्थित मरकज से राज्य में लौटे लोगों की जिला व ब्लॉकवार सूची तलब की है। पुलिस महानिदेशक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तब्लीगी जमातियों का ब्योरा हलफनामा के साथ पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोरोना वायरस की जांच के लिए बिलासपुर व अंबिकापुर में लैब खोलने के लिए तीन दिनों के भीतर जरूरी कदम उठाने का आदेश भी दिया है।
गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने तब्लीगी जमातियों से संबंधित सूचनाओं का स्वतः संज्ञान लेकर उसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने तब्लीगी जमातियों को न खोज पाने पर सरकार को फटकार लगाई थी।
सोमवार को जस्टिस प्रशांत मिश्रा व जस्टिस गौतम भादुड़ी की डिवीजन बेंच ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई की। इस दौरान जस्टिस मिश्रा ने शासन की ओर से पैरवी करने वाले से पूछा कि हॉट स्पॉट के रूप में तब्दील कटघोरा को लेकर राज्य सरकार क्या तैयारी कर रही है। तैयारियों के संबंध में सिलसिलेवार जानकारी मांगी। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता जनरल गोपा कुमार भी मौजूद थे।डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से दोटूक कहा है कि निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने वाले तब्लीगी जमाती, जो प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बगैर जानकारी के छिपे हुए हैं, उनकी शीघ्र जानकारी जुटाएं। वे किन-किन लोगों के संपर्क में आए हैं, उनकी भी पूरी कुंडली निकालने के साथ ही जमातियों के कटघोरा कनेक्शन की विस्तृृत रिपोर्ट शपथ पत्र के साथ पेश करें। अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तिथि तय की गई है।
नौ अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने बिलासपुर व अंबिकापुर में वायरस जांच के लिए लैब की शीघ्र स्थापना के निर्देश दिए थे। इसके लिए राज्य व केंद्र सरकार को समन्वय बनाने की बात कही थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील ने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से लैब निर्माण के लिए अब तक कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार को नहीं भेजा गया है।
