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CG : 5-6 गुना धान खरीदी, परिवहन धीमा, कल से बंद करेंगे खरीदी

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मोहला जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी ने धान परिवहन अतिशीघ्र कराने के लिए सांसद संतोष पांडे, कलेक्टर व जिले के अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। परिवहन नहीं होने की दशा में 26 दिसंबर से जिले की सभी 27 केंद्रों में धान खरीदी बंद करने का भी अल्टीमेटम दिया गया।

सांसद ने परिवहन व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश कलेक्टर एस. जयवर्धने को दिया गया। कलेक्टर ने अति शीघ्र संग्रहण केंद्र प्रारंभ करने की जानकारी दी। धान परिवहन नहीं कराने के कारण अब सूखत का सामना करना पड़ रहा है। जिले में शनिवार तक कुल खरीदी 9.0 लाख क्विंटल एवं परिवहन मात्र 2.80 लाख क्विंटल (32 प्रतिशत) ही हो पाया है। सरखेड़ा में 19400 क्विं. धान खरीदी होने के बाद भी आज तक परिवहन का शुरू नहीं हो पाया है। भोजटोला में 45929, रेगाकठेरा चौकी में 29218, औंधी में 27388, सीतागाव में 15258, विचारपुर में 31355 क्विंटल खरीदी के विरुद्ध केवल 1 से 7 प्रतिशत ही परिवहन हो पाया है। ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के अध्यक्ष भाईलाल देवांगन, उपाध्यक्ष रहमतुल्ला कुरैशी, गिरधर साहू, संयुक्त सचिव नंदलाल महाडोरे, गिरीश पाटर, तुलाराम निषाद, योगेश त्रिपुरे, राकेश आदे,सतीश कौरे, पुनीत देशमुख, महेश चंद्रवंशी मौजूद थे।

डीओ जारी करने में भी भेदभाव किया जा रहा संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि धान खरीदी नीति कंडिका क्रमांक 17.4 के अनुसार बंपर लिमिट से अधिक खरीदी होने पर 72 घंटे के अंदर धान परिवहन कराने का प्रावधान है। जिसका पालन विपणन संघ नहीं कर रहा है, जिसका खामियाजा समिति प्रभारियों को भुगतना पड़ सकता है। विपणन संघ डीओ जारी करने में भी भेदभाव कर रहा है। कहीं शून्य तो कहीं पर 60 प्रतिशत परिवहन हो चुका है। जिला विपणन संघ ने त्रिस्तरीय अनुबंध भी नहीं कराया है जबकि यह अनुबंध धान खरीदी के पूर्व कराए जाने का प्रावधान है।

डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी कई केंद्रों में बफर लिमिट से 5-6 गुना धान रखा है। 16-17 प्रतिशत नमी में खरीदी की गई, धान सूखकर अब नमी 11 से 12 प्रतिशत में आ गई है, जिसके चलते वजन कम हो रहा है। इस सूखत की भरपाई शासन विपणन संघ से किया जाना चाहिए। जिले में विपणन वर्ष 2021-22 में भी यही स्थिति निर्मित हुई थी। अप्रैल-मई तक धान परिवहन नहीं होने के चलते धान में सूखत की भरपाई शासन-प्रशासन ने समिति प्रभारी को अनैतिक दबाव पूर्ण तरीके से कराया था। मोहला समिति में पदस्थ समिति प्रबंधक पवन कुमार वशिष्ठ को 2021-22 में सूखत की भरपाई नहीं करने के कारण दबाव के चलते अवसाद एवं दहशत में अपनी जान भी गवना पड़ी थी।

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