यूपीः अमरोहा में आदमपुर पुलिस का एक बड़ा कारनामा सामने आया है। जिस बेटी की हत्या के आरोप में पिता के साथ भाई और रिश्तेदार सात महीने से जेल में बंद हैं, वह बेटी जिंदा मिल गई है। बेटी अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। वह दिल्ली में रहती थी। लॉकडाउन के दौरान अपनी ससुराल गांव पौरारा आ गई थी। इस मामले में पिता ने पांच लोगों के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराया था। प्रकरण का खुलासा हुआ तो पुलिस महकमे हड़कंप मचा है। एसपी और सीओ धनौरा ने किशोरी से पूछताछ की। वहीं परिजन और भाकियू कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर निर्दोष लोगों को जेल भेजने का आरोप लगाया है। आदमपुर थानाक्षेत्र के मलकपुर गांव निवासी सुरेश सिंह की नाबालिग बेटी 20 फरवरी 2019 को लापता हो गई थी। उसके भाई रूपकिशोर ने होराम, हरफूल, खेमवती निवासी सुल्तानपुर, जयपाल और सुरेंद्र निवासी बीजनपुर के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने होराम और हरफूल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन नाबालिग का कोई सुराग नहीं लगा। बाद में पुलिस ने 28 दिसंबर 2019 को पिता सुरेश, भाई रूप किशोर और देवेंद्र निवासी शीशों वाली धनौरा को नाबालिग की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तभी से तीनों जेल में बंद हैं। पुलिस ने परिजनों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और कपड़े बरामद करने का दावा किया था। जबकि सुरेश सिंह ही नाबालिग बेटी जिंदा है। वह अपने प्रेमी के साथ दिल्ली में रह रही थी। लॉकडाउन में दोनों दिल्ली से गांव पौरारा लौट आए। गुरुवार को नाबालिग के दूसरे भाई राहुल ने उसे पौरारा गांव में देख लिया था। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। वहीं अपहरण के मुकदमे में जेल भेजे गए होराम और हरफूल पहले ही बाहर आ गए थे।
