बलरामपुर – कोविड-19 के कारण सुरक्षात्मक दृष्टि से शिक्षण संस्थानों को बंद रखा गया है। विद्यार्थियों का पढ़ाई से मोहभंग न हो तथा अध्ययन में रुचि बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पढ़ाई तुंहर दुआर के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। जिले की भौगोलिक स्थिति व संरचना के कारण कई स्थानों में संचार माध्यमों की समुचित व्यवस्था न होने से पढ़ाई अवरुद्ध हो रहा था। विकासखंड बलरामपुर के शिक्षकों द्वारा शिक्षा के महत्व तथा नए सत्र में छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई पहल की शुरुआत की है। अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शिक्षकों ने बच्चों को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन पढ़ाने का बीड़ा उठाया है।
मोहल्ला क्लास और हैलो गुरुजी स्कूल के समानांतर शिक्षा प्रदान करने के विकल्प का पर्याय बन गए है, जिन्हें छात्रों द्वारा भी काफी पसंद किया जा रहा है। नए सत्र के प्रारंभ से शिक्षक गांव-गांव जाकर छात्रों को पुस्तक तथा गणवेश वितरित कर रहे हैं। शिक्षक गांव पहुंचकर ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों के सहयोग से उचित स्थल का चयन कर मोहल्ला क्लास आयेजित कर रहे हैं।मोहल्ला क्लास में भी स्कूल के सामान्य कक्षाओं की तरह ही गुणवत्तापूर्ण अध्ययन कराया जा रहा है, फर्क बस इतना है कि बच्चे थोड़ा दूर-दूर बैठते हैं और मास्क पहनते हैं। कई स्थानों में ग्रामीणों के सहयोग से लाउडस्पीकर की व्यवस्था भी की गई है, जिससे बच्चे आसानी से पढ़ पा रहे हंै। विकासखंड बलरामपुर के लगभग 900 शिक्षक बच्चों के शिक्षित करने के लिए इस अभियान से जुड़ गए हैं, जिससे विकासखंड के 23635 बच्चों को उनके घर में ही शिक्षा मिल रही है। शिक्षकों की इस पहल में अभिभावक भी उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं। कोविड-19 के कारण उत्पन्न कठिन परिस्थितियों ने भी शिक्षकों के हौसलों को कम नहीं किया है। बच्चे भी शिक्षकों को पूरा सहयोग करते हुए पढ़ाई कर रहे हैं।
