बीते साल सात नक्सलियों को ढेर किया था
राजनांदगांव,। जिले में नक्सलियों का शहीद सप्ताह बेअसर रहा। पुलिस की तगड़ी मोर्चाबंदी के चलते अंदरूनी इलाकों में ही नक्सली सिमटे रहे। बीते साल जहां नक्सलियों को शहीद सप्ताह में अपने 7 साथियों की जान पुलिस के साथ मुठभेड़ में गंवानी पड़ी थी। वहीं इस साल भी नक्सलियों को घेरने के लिए राजनांदगांव पुलिस ने समूचे नक्सल इलाकों पर सख्त पहरा बिठाकर रखा। लिहाजा नक्सलियों को शहीद सप्ताह में हिंसक वारदात करने का मौका नहीं मिला।
28 जुलाई से शुरू हुए शहीद सप्ताह का आज आखिरी दिन था। नक्सली हर साल अपने साथियों की याद में सप्ताहभर तक शोक मनाते हैं। इस दौरान लोगों से कामकाज बंद कर साथियों को याद करने की अपील करते हैं। शहीद सप्ताह के दौरान बसों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहती है। राजनांदगांव जिले के मानपुर, मोहला, औंधी के अलावा साल्हेवारा, बकरकट्टा, गातापार क्षेत्र में भी बसों के पहिये थमे रहते हैं। इस साल कोरोना काल के कारण बस सेवाएं बंद पड़ी हुई है। ऐसे में नक्सलियों के बंद का खास असर नजर नहीं आया। हालांकि जिले के उत्तरी इलाके गातापार क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा पर्चा फेंकने की अपुष्ट खबर रही। वहीं नक्सलियों की उपस्थिति कमजोर नजर आई।
शहीद सप्ताह में लगातार जवानों ने गश्त करते हुए नक्सलियों की आमदरफ्त को आगे बढऩे नहीं दिया। शहीद सप्ताह से पहले पुलिस ने औंधी इलाके में मुठभेड़ कर अपना इरादा जाहिर कर दिया था। बताया जा रहा है कि पुलिस ने नक्सलियों को चौतरफा घेरते हुए किसी भी तरह की अप्रिय घटना करने का मौका नहीं दिया।
बीते साल मिली थी सफलता
नक्सली शहीद सप्ताह के दौरान ही पिछले साल तीन अगस्त को पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की थी। बागनदी के शेरपार व सीतागोटा जंगल में पुलिस ने मुठभेड़ में सात नक्सलियों को ढेर किया था, वहीं बड़ी मात्रा में नक्सली सामान तक बरामद किया था। इधर बीते 19 जुलाई को भी शहीद सप्ताह की तैयारी कर रहे नक्सलियों को मुठभेड़ के बाद पुलिस ने खदेड़ा था। इससे पहले एक जुलाई को छुरिया के जोब से लगे कटेंगा-खोभा के जंगल में भी पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हुई थी, जिसके दूसरे दिन पुलिस ने नक्सली प्लाटून कमांडर डेविड उइके को घायलावस्था में गिरफ्तार किया था। अ
