राजनांदगांव 22 अगस्त। नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण निगम सीमाक्षेत्र में तेजी से फैल रहा है,...
छत्तीसगढ़
धमतरी – शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आई.टी.आई.) कुरूद में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण के इच्व्छुकों से आगामी...
गोधन न्याय योजना के तहत् 590 हितग्राहियों के खाते में 2 लाख 10 हजार रूपए हस्तान्तरित 7 हजार...
रायपुर-छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जिला कलेक्टर के माध्यम से विभिन्न प्राकृतिक आपदा...
आकाशवाणी रायपुर से ‘हमर ग्रामसभा’ का प्रसारण 23 अगस्त को रायपुर -पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस....
बलरामपुर – कोविड-19 के कारण आर्थिक गतिविधियों की गति धीमी होने से रोजगार सहित अनेक समस्याएं देखने को मिली थी।...
दुर्ग – दुर्ग जिले में संचालित शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यकतानुसार शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ, सर्जरी विशेषज्ञ एवं...
संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण ने जारी की सूचना,इच्छुक आवेदक संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण की वेबसाईट cgiti.cgstate.gov.in पर करा सकते...
जशपुरनगर -कलेक्टर महादेव कांवरे के निर्देशन में समाज कल्याण विभाग जशपुर द्वारा संचालित विभागीय संस्थाओं में निवास...
रायपुर-छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी गांव योजना ग्रामीण अंचल के लोगों की पसंदीदा योजना बन गई है। इसके...
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम तथा वर्तमान में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए गणेशोत्सव के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए है।आदेश में कहा गया है कि मूर्ति की ऊंचाई एवं चौड़ाई 4 बाई 4 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15 बाई 15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 5 हजार वर्गफीट की खुली जगह हो। पंडाल एवं सामने खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। मंडप व पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल न हो, दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाई जाएगी। किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक न हों। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी, जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाईल नंबर दर्ज किया जाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी लगाए गाए ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा। ऐसा पाए जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आक्सिमीटर, हैण्डवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग बुखार पाए जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य व विशेष लक्षण पाए जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं दिये जाने की जिम्मेदारी समिति की होगी।व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस-बल्ली से बेरिकेटिंग कराकर किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति, जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने से संक्रमित हो जाता है, तो इलाज का सम्पूर्ण खर्च मूर्ति स्थापना करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा किया जाएगा। कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट जोन घोषित हो जाता है, तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार का भोजन, भण्डारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय, विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना, विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य अथवा पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए पीक-अप, टाटा एस से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त साज सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए 4 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पण्डाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित रूट, मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गो से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन मार्ग में कहीं भी स्वागत, भण्डारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के पश्चात् एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी।इन शर्तों के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी, यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापित किया जाता है, तो कम से कम 7 दिवस के पूर्व नगर पालिक निगम कार्यालय में आवेदन देना होगा एवंअनुमति प्राप्त होने के उपरान्त ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आदेश के अंतर्गत जारी एसओपी का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश के उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध एपिडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ईपीएस, आरएफए एवं आईसीई मशीन के साथ शासकीय अस्पताल में देश का तीसरा कम्पलीट ईपी लैब एसीआई...
रायपुर -मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और अपने प्रशंसकों से कहा है कि...
राजनांदगांव में आज मिले 68 मरीज वही 41 हुये डिस्चार्ज राजनांदगांव। नगर निगम क्षेत्र से 12 सहित...
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और अपने प्रशंसकों से कहा है कि कोरोना संकट...
राजनांदगांव। नगर निगम क्षेत्र से 12 सहित मानपुर ब्लाक से 6, मोहला ब्लाक से 5 चौकी से...
रायपुर- दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टर डॉ. एसएल आदिले...
जशपुरनगर- महादेव कांवरे ने आज जिला कार्यालय के पास निर्मित्त किये जा रहे गढ़कलेवा निर्माण कार्य का...
जशपुरनगर – कलेक्टर महादेव कांवरे के निर्देशन में समाज कल्याण विभाग जशपुर द्वारा संचालित विभागीय संस्थाओं में...
जगदलपुर – बस्तर संभाग में कुपोषण एवं एनीमिया एक बड़ी चुनौती है। बस्तर एक आदिवासी बाहुल क्षेत्र...
