Home छत्तीसगढ़ रायपुर : मुख्यमंत्री-गृहमंत्री के क्षेत्र में कानून व्यवस्था की दुर्गति : भाजपा

रायपुर : मुख्यमंत्री-गृहमंत्री के क्षेत्र में कानून व्यवस्था की दुर्गति : भाजपा

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भिलाई में एक युवक की हत्‍या की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि युवक वहां पर गदर फिल्म देख रहा था। हिंदुस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने के कारण उसकी हत्या की गई। इस घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए रविवार को खुर्सीपार में अरुण साव ने कहा कि 32 वर्षीय युवक मलकीत सिंह की हत्या बेदर्दी और बेहरहमी से कर दी गयी। एक निर्दोष युवक की हत्या कर दी गयी। जो तथ्य सामने आये हैं  पता चला है कि हिंदुस्तान  जिंदाबाद पाकिस्तान मुर्दाबाद लरा नारे लगाए जाने पर यह घटना हुई है। इस हत्या की जितनी निंदा की जाए कम है। साव ने कहा प्रत्यक्षदर्शियों से और परिजनों से बातचीत हुई है। घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली है। छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था की स्थिति क्या है?

प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। जिस जिले से मुख्यमंत्री आते हैं, गृहमंत्री आते हैं उस जिले में एक 32 वर्षीय निहत्थे युवक की निर्मम हत्या छत्तीसगढ़ में जंगलराज चल रहा है,इसे स्पष्ट करता है।

पीड़ित परिवार को मिले न्याय, दोषियों पर हो कार्रवाई
साव ने दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले। जितने भी दोषी हैं,प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस प्रशासन को आठ लोगों का नाम बताया है। उन सभी के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य और सहज घटना नही है। लोग बता रहे युवक की हत्या के बाद हत्या करने वाले अपराधी बॉडी के ऊपर नाचे कूदे हैं। यह घटना इन अपराधियों की तालिबानी सोच और मानसिकता को दिखाता है। ऐसे सोच और मानसिकता को कुचलने की आवश्यकता है।

न्याय की इस लड़ाई में भाजपा पीड़ित परिवार के साथ
अरुण साव ने कहा कि इस घटना में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए भारतीय जनता पार्टी उनके साथ है। मलकीत सिंह के परिवार को न्याय मिले इसके लिए हम पूरी ताकत से हर सम्भव मदद करेंगे।

पीड़ित परिवार को मिले 50 लाख के मुआवजा
साव ने कहा कि माध्यम वर्गीय परिवार के युवक की हत्या हुई है। कांग्रेस सरकार में गरीबों की हत्या उनके साथ अन्याय आम बात हो गयी है। पीड़ित परिवार को 50 लाख की मुआवजा सरकार को जल्द देना चाहिए। छोटे-छोटे बच्चे हैं उनकी परवरिश कैसे होगी? इसलिए परिवार के सदस्य को नौकरी दे। फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में इस घटना का फैसला हो। दोषियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।

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