Home छत्तीसगढ़ राजनांदगांव : राज्यस्तरीय सेमिनार का आयोजन

राजनांदगांव : राज्यस्तरीय सेमिनार का आयोजन

12

भगवद गीता पर हुआ राज्यस्तरीय सेमिनार
लालबहादुर नगर (डोंगरगढ़) : पिछले दिनों लाल बहादुर नगर में भगवद गीता: लीडिंग ए सक्सेसफुल लाइफ ” विषय पर एक राज्य स्तरीय सेमिनार का आयोजन हुआ। प्रोग्राम सेक्रेटरी मोहन लाल बोगा, प्रोग्राम कॉर्डिनेटर त्रिनेत्रा साहू एवम प्रोग्राम प्रेसिडेंट धनेश सिन्हा के कुशल निर्देशन में इस सेमिनार में राज्य के 70 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।सेमिनार का प्रारंभ भगवान कृष्ण के पूजा अर्चना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि समाजसेवी परमजीत सिंह, कार्यक्रम के अध्यक्ष दुर्योधन साहू, ईश्वरी कुमार सिन्हा, मोहन बोगा, एवम त्रिनेत्रा साहू ने  भगवान कृष्ण के तैल चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।मुख्य अतिथि के आसंदी से परमजीत सिंह ने ने कहा की वर्तमान समय में व्यक्ति के सर्वांगीण विकास हेतु श्रीमद भगवदगीता के विचारों को जीवन में अपनाने की बहुत अधिक आवश्यकता है। समय में कितना भी बदलाव आ जाए पर भगवद गीता में निहित विचारों की प्रसांगिगता सदैव बनी रहेगी।   कृष्ण ने गीता के माध्यम से लोगों को जिंदगी जीने का सलीका और तरीका दोनो सिखाया। कार्यक्रम के अध्यक्ष दुर्योधन साहू ने इस कार्यक्रम की सफलता हेतु अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा की भगवदगीता और कृष्ण दोनो ही आम मानव को कर्म क्षेत्र की ओर प्रस्थान करने के लिए प्रेरित करता है।आज के समय में गीता को अपनाकर एक सफल जीवन जिया जा सकता है। सेमिनार में  समाज सेवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवम मोटिवेशनल स्पीकर पुनाराम सिन्हा ने भगवदगीता का मानव जीवन से तुलनात्मक अध्ययन करते हुए  वर्तमान समय में इसकी आवश्यकता पर अपने सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किए। बालोद से पधारे सेमिनार का प्रथम रिसोर्स पर्सन ईश्वरी कुमार सिन्हा जी थे । उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया की भगवद गीता में आए हुए श्लोक अपने आप में विज्ञान, भाषा और जीवन जीने की शैली और मंत्र सब कुछ है। जिन्होंने भगवद गीता को समझ लिया, समझो उन्होंने समूचे ब्रह्मांड को समझ लिया। यही कारण है कि गीता को ब्रह्मांड का अनंत रहस्य समझा जाता है।उन्होंने अपने व्याख्यान के माध्यम से दर्शकों से खूब तालियां बटोरी। इसके बाद नेहरू महाविद्यालय डोंगरगढ़ से पधारे रिसोर्स पर्सन अविनाश सिंह ने अपनी प्रस्तुति में बताया की भगवद गीता मानव जीवन के क्रियाकलापों को निर्बाध गति से आगे बढ़ाने का मंत्रों का समूह है।इसे अपनाकर अनगिनत प्राणियों ने अपने जीवन को सफल बनाएं।यही कारण है कि आज विश्व के अनेक देशों ने भगवद गीता का अपनी भाषाओं में अनुवाद कराया। इस मौके पर विद्यार्थियों ने भी अपनी अपनी प्रस्तुति प्रस्तुत किए। उन्होंने रिसर्च पेपर के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। इस मौके पर दुर्रे बंजारी के विद्यार्थियों ने “जैसे कर्म करेगा वैसे फल देगा भगवान” विषय पर आधारित नाटक भी प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप दीपिका सिंह, हेमराज सहारे, करण यादव, कुलेश साहू, ईश्वर मांडवी, खोरबाहरा राम साहू, रोमलाल चंद्राकर,  सूर्यकिरण साहू आदि प्रमुख थे।कार्यशाला का संचालन अविनाश सिंह ने क्या। आभार प्रदर्शन त्रिनेत्रा साहू ने किया। यह जानकारी धरम सिन्हा ने दिया।

Previous articleप्रदेश में अगले 36 घंटों तक तेज बारिश का अलर्ट जारी
Next articleमुख्यमंत्री चौहान ने राष्ट्र-गीत वंदे-मातरम के रचयिता