0 सेनीटाइज होने वाले व्यक्तियों को हो सकती है चर्म रोग की बीमारी
बसंत शर्मा, संवाददाता
राजनांदगांव । विगत माह भदोरिया चौक पर पार्षद निधि से सैनिटाइजर टनल लगाया गया था। जिसमें वहां से गुजरने वाले आम लोगों की गाड़ियां तथा स्वयं व्यक्ति सेनीटाइज होकर निकल रहा था। लेकिन स्वास्थ विभाग और डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार सैनिटाइजर टनल पर जो लिक्विड डाला जाता है। उससे त्वचा संबंधी शिकायतें बनी रहती है तथा यह लिक्विड आंख या मुंह के सहारे शरीर के अंदर जाता है तो शरीर को भी यह नुकसान पहुंचा सकता है । इन सभी का ध्यान रखते हुए डब्ल्यूएचओ ने एक गाइडलाइन जारी की थी कि सार्वजनिक स्थलों पर सैनिटाइजर टनल का उपयोग न किया जाए। जिसका पालन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बकायदा एक गाइडलाइन भी जारी की गई थी । जिसे पूरे जिले में पालन कराने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन का किसी भी प्रकार का पालन शहर में दिखता नजर नहीं आ रहा है।
गत 16 मार्च को भदोरिया चौक के पास लगाए गए सेनीटाइजर टनल को हटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक पत्र नगर निगम राजनांदगांव को लिखा गया था। इस पत्र को लिखे लगभग 20 दिन से ऊपर हो गया है। लेकिन नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी इस ओर किसी प्रकार का ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे लोगों के स्वास्थ्य से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। बता दें कि यह टनल 16 मार्च को लगा था और 16 मार्च की रात को ही असामाजिक तत्वों द्वारा इसे क्षतिग्रस्त भी कर दिया गया था । जिसके बाद इसे फिर से रिपेयरिंग कर चालू किया गया है। लेकिन डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन का पालन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम राजनांदगांव को एक पत्र लिखा था जिसमें यह कहा था कि सैनिटाइजर टनल पर जो लिक्विड उपयोग किया जा रहा है वह हानिकारक है जिससे लोगों की त्वचा पर इसका सीधा असर पड़ता है, जिसे गंभीरता से लिया जाए और ऐसा कोई भी टनल ना लगाया जाए जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता हो।
